दिल्ली हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, 'यौन इरादे के बिना नाबालिग के होठों को छूना पॉक्सो के तहत अपराध नहीं'
Delhi High Court News: हाईकोर्ट ने कहा कि लेकिन अगर यह किसी महिला या बच्ची की मर्यादा भंग करने के इरादे से किया गया हो तो आईपीसी की धारा 354 लागू होगी.

Delhi High Court News: दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार (7 मार्च)को अपने एक अहम फैसले में कहा कि नाबलिग लड़की के होठों को छूना और उसके करीब सोना अगर इसमें कोई यो उद्देश्य ना हो तो इसे पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर यौन उत्पीड़न नहीं माना जा सकता है.
दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा, "ये कृत्य नाबालिग की गरिमा का उल्लंघन और उसे ठेस पहुंचा सकते हैं, लेकिन 'प्रकट या यौन इरादे की मंशा' के बिना पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 के तहत आरोप तय करने के लिए जरूरी कानूनी सीमा को पूरा करना मुश्किल होगा."
12 साल की बच्ची से जुड़ा है मामला
वहीं हाईकोर्ट ने कहा, "लेकिन अगर यह किसी महिला या बच्ची की मर्यादा भंग करने के इरादे से किया गया हो तो आईपीसी की धारा 354 लागू होगी." दरअसल मामला 12 साल की एक बच्ची से जुड़ा है जो बचपन में मां द्वारा छोड़ दी गई थी और बाल देखभाल केंद्र में रहती थी. लेकिन घटना के समय वह अपने परिवार के पास आई हुई थी. वहीं इस मामले में आरोपी उसके चाचा हैं, जिन पर पॉक्सो एक्ट की धारा 10 और आईपीसी की धारा 354 के तहत केस दर्ज किया गया था.
पॉक्सो एक्ट के आरोप हटाए
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ लगे पॉक्सो के आरोप हटा दिए हैं, लेकिन आईपीसी की धारा 354 को बरकरार रखा है. कोर्ट ने निचली अदालतों को निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी मामले में आरोप तय करने के दौरान निचली अदालते चार लाइन के आदेश देने से बचे और किसी भी फैसले में स्पष्ट कारण बताए कि किस धारा के तहत आरोप तय किया जा रहे हैं.
'नहीं लगाया यौन प्रकृति के कृत्य का आरोप'
दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में आदेश हुए कहा कि पीड़िता ने किसी भी तरह के यौन प्रकृति के कृत्य का आरोप नहीं लगाया है और ना ही पीड़िता ने अपने किसी भी दर्ज बयान में इसका जिक्र किया, चाहे वह बयान पुलिस या बाल कल्याण समिति या फिर मजिस्ट्रेट के समक्ष क्यों ना हो. दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि पीड़िता ने यौन उत्पीड़न किए जाने या ऐसे अपराध के प्रयास की संभावना से इनकार किया है जो की पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 के तहत अपराध का एक जरूरी आधार है.
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