'शहर में ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए', जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर बोले HC के जज
Delhi High Court News: दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि सरकार जंतर-मंतर क्षेत्र को प्रदर्शन स्थल के रूप में बंद करने पर विचार क्यों नहीं कर रही है.

10 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन की मांग की इजाजत दिए जाने को लेकर एक संगठन दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा. संगठन की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जंतर-मंतर पर दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति (SC) के दायरे में शामिल करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की अनुमति मांगने वाली याचिका पर फैसला लेने को कहा.
इस पर दिल्ली पुलिस की तरफ से ASG चेतन शर्मा ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने स्थानीय अधिकारियों से NOC नहीं लिया है. चेतन शर्मा ने कहा जब यह 75 लोग, 75 हजार हो जाते हैं, तो हमें नहीं पता. पुलिस की दलील पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि सरकार जंतर-मंतर क्षेत्र को प्रदर्शन स्थल के रूप में बंद करने पर विचार क्यों नहीं कर रही है.
'शहर को अनावश्यक रूप से बंधक क्यों बनाया जाए?'
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि शहर को इस तरह के प्रदर्शनों के कारण अनावश्यक रूप से बंधक नहीं बनाया जाना चाहिए. दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अमित महाजन ने कहा, "मेरे अनुसार शहर में ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए, लेकिन यह सरकार का फैसला है. शहर को अनावश्यक रूप से बंधक क्यों बनाया जाए? ऑल इंडिया दलित क्रिश्चियन राइट्स प्रोटेक्शन कमिटी (AIDCRPC) ने याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल की थी.
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