टेलीग्राम पर निवेश का झांसा देकर ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार, कैसे देता था अंजाम?
Cyber Crime: गिरफ्तार आरोपी ऑनलाइन वॉलेट का इस्तेमाल कर ठगी की रकम प्राप्त करता था और शुरुआती चरण में मासूम लोगों को पैसे वापस देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लेता था.

Delhi Crime: दिल्ली के द्वारका जिले की साइबर पुलिस ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है, जो टेलीग्राम ऐप पर अधिक रिटर्न देने के बहाने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहा था. इस मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान, विवेक शेखर के रूप में हुई है. यह मध्य प्रदेश के इंदौर का रहने वाला है.
आरोपी एक ऑनलाइन वॉलेट का इस्तेमाल कर ठगी की रकम प्राप्त करता था और शुरुआती चरण में मासूम लोगों को पैसे वापस देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लेता था.
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
डीसीपी अंकित सिंह ने बताया कि, एक महिला शिकायतकर्ता शबनम ने साइबर पुलिस में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें कहा गया कि उसे टेलीग्राम पर इन्वेस्टमेंट स्कीम से संबंधित एक मैसेज मिला, जिसमें निवेश पर हाई रिटर्न का दावा किया गया था. अधिक मुनाफे की लालच में आकर उसने दो बार में कुल 82,000 रुपये की राशि दो अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी.
जिसके बाद उन्हें खुद के साथ ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर पुलिस में इसकी शिकायत दी. पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गयी. आरोपी को गिरफ्तार कर मामले के जल्द खुलासे के लिए एसीपी ऑपरेशन राम अवतार की देखरेख और एसएचओ खालिद हुसैन के नेतृत्व में , एसआई विजय कुमार, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार, विकास और विनय की टीम का गठन किया गया.
तकनीकी जांच और गिरफ्तारी
पुलिस जांच में सामने आया कि शबनम द्वारा ट्रांसफर की गई रकम स्लाइस वॉलेट और फिर जियो पेमेंट बैंक के खातों में ट्रांसफर की गई थी. जांच के दौरान बैंक स्टेटमेंट, कॉल डिटेल रेकॉर्ड और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर आरोपी की पहचान विवेक शेखर के रूप में हुई. जिसे पुलिस ने जांच में शामिल होने का नोटिस भेजा, लेकिन उसने जांच में सहयोग नहीं किया.
कोर्ट से उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद, पुलिस ने नॉन-बेलेबल वारंट जारी करवाया और 24 फरवरी 2025 को उसे गिरफ्तार कर लिया.
ऐसे चलता था ठगी का खेल
पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह टेलीग्राम के #paymentorder नाम के एक ग्रुप का सदस्य था. इस ग्रुप में "निशा" नाम की एक महिला मुख्य संचालक थी, जो उसे निर्देश देती थी और ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर करने के लिए बैंक खातों की डिटेल शेयर करती थी. आरोपी का काम ठगी की रकम को अपने वॉलेट में लेना और कुछ शुरुआती लोगों को पैसे वापस कर निवेश के नाम पर और अधिक लोगों को फंसाना था. जिसके बदले उसे अच्छा खासा कमीशन मिलता था.
इस मामले में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है. साथ ही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या ऑनलाइन ग्रुप के झांसे में आकर निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें. संदेह होने पर तुरंत साइबर सेल को सूचित करें.
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