Exclusive: फैज-ए-इलाही मस्जिद के संरक्षक नजमुद्दीन चौधरी बोले, 'ये एकतरफा कार्रवाई'
Turkman Gate Demolition: दिल्ली के तुर्कमान गेट पर अतिक्रमण को लेकर हिंसा भड़क गई. इस पर फैज-ए-इलाही मस्जिद के संरक्षक ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

दिल्ली के फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास बने कथित अवैध निर्माणों को हटाने पहुंची एमसीडी की टीम पर भीड़ ने पथराव कर दिया था. इस घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया. अब इस पूरे मामले पर मस्जिद के मुख्य संरक्षक नजमुद्दीन चौधरी ने abp न्यूज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत की है. उन्होंने एमसीडी की कार्रवाई को एकतरफा बताया है. नजमुद्दीन का कहना है कि ये निर्माण अवैध नहीं थे और ये पूरी तरह वक्फ बोर्ड की जमीन पर बने थे. घटना के बारे में बात करते हुए नजमुद्दीन चौधरी ने बताया कि एमसीडी की टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी.
अतिक्रमण को लेकर क्या बोले मस्जिद के संरक्षक?
मस्जिद के संरक्षक नजमुद्दीन ने कहा कि ये निर्माण अवैध नहीं थे. कॉरपोरेशन इसे अवैध बता रहा है, लेकिन हम नहीं मानते. हम वक्फ बोर्ड की जगह पर हैं, ये वक्फ बोर्ड की ही जगह है. ये एकतरफा कार्रवाई है. नजमुद्दीन ने आगे जोड़ा कि टीम ने तोड़फोड़ से पहले उन्हें कुछ नहीं बताया. सिर्फ ये कहा कि हमने मार्किंग कर दी है.
विवाद की जड़ पर रोशनी डालते हुए उन्होंने मोहिबुल्लाह नदवी का जिक्र किया. नजमुद्दीन के मुताबिक, नदवी को कमेटी ने एमसीडी से बात करने के लिए बुलाया था. उन्होंने कहा कि मोहिबुल्लाह नदवी के आने के बाद सारा झगड़ा हुआ है.
नजमुद्दीन ने बताया कि जब वो आए, उनको अंदर आने से पैरामिलिट्री ने रोका. वो 5 मिनट में आ गए थे. उनको रोकने के बाद पब्लिक फिर वापस आ गई. इस रोक-टोक ने हालात को और बिगाड़ दिया, जिससे भीड़ उग्र हो गई.
मामले पर राजनीतिक हस्तक्षेप में कमी
नजमुद्दीन ने राजनीतिक हस्तक्षेप की कमी पर भी अफसोस जताया. उन्होंने बताया कि उन्होंने कई सांसदों और यहां तक कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि दिल्ली में ऐसा कौन सा एमपी है, जिसको हमने नहीं कॉल किया है.
उन्होंने बताया कि हमने अजीत डोभाल तक से बात करने की कोशिश की, लेकिन जिससे हमने फोन कराया था, उनका फोन भी नहीं उठाया गया. उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने रात में कार्रवाई न करने की गुजारिश की थी. हमने कहा कि रात को न करें, सुबह कर लें. हमने कहा कोर्ट का फैसला दिन तक आ जाने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने कहा रात में ही करना है.
भीड़ को हिंसा के लिए किसने उकसाया
भीड़ को उकसाने के सवाल पर नजमुद्दीन ने साफ इनकार किया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि भीड़ को किसने भड़काया. हम तो फैज-ए-इलाही के ऑफिस में थे. उन्होंने सोशल मीडिया का हवाला देते हुए कहा कि वहां वायरल हो रही वीडियोज में मस्जिद तोड़े जाने की अफवाह फैलाई जा रही थी.
जो सोशल मीडिया पर वीडियो चला है, उसमें बोला जा रहा था कि मस्जिद तोड़ी जा रही है. हम तो जानते भी नहीं हैं कि कौन इन्फ्लुएंसर है. अमन कमेटी के बारे में पूछने पर नजमुद्दीन ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है. अमन कमेटी में कौन-कौन लोग हैं, ये हमें क्या पता.
अमन कमेटी को लेकर किया खुलासा
अमन कमेटी को लेकर उन्होंने बताया कि यह कमेटी डीसीपी ने बनाई है. फैज-ए-इलाही की जो कमेटी है, उसको नहीं पता कि अमन कमेटी कब बनी. हमें ये भी नहीं पता कि अमन कमेटी की कब मीटिंग हुई. उन्होंने ये भी कहा कि माहौल किसकी वजह से खराब हुआ, ये उन्हें पता नहीं. हालांकि, पुलिस को जो भी जानकारी चाहिए, उसके लिए वो तैयार हैं.
मस्जिद के पास बने बैंक्विट हॉल के बारे बताया
आगे नजमुद्दीन ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बने बैंक्विट हॉल वाली जगह के बारे में बताते हुए कहा कि बैंक्विट हॉल की जगह पहले यहां कब्रिस्तान था. इसे खोदो, पता चल जाएगा. नीचे से कब्रें और मुर्दों की हड्डियां निकलेंगी.
जुमे की नमाज को लेकर अनिश्चितता जताते हुए उन्होंने कहा कि कल नमाज होगी या नहीं, ये हमें नहीं पता, यह प्रशासन बताएगा. साथ ही, उन्होंने कहा कि ये भी सुनने में आया है कि प्रशासन आधार कार्ड मांग रहा है. ऐसे में हम लोगों से बोलते हैं कि वो अपने आसपास की मस्जिद में नमाज पढ़ें. उन्होंने आगे कहा कि हम अमन वाले लोग हैं. अमन को पसंद करते हैं और लोगों से अमन की अपील करते हैं.
Source: IOCL






















