एक्सप्लोरर

कांग्रेस के संदीप दीक्षित, अलका लांबा समेत 67 नेताओं की जमानत जब्त, फिर नहीं खुला खाता

Delhi Assembly Election Results 2025: कांग्रेस के जो 3 उम्मीदवार दिल्ली में अपनी जमानत बचाने में सफल रहे उनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव भी शामिल हैं, जिन्हें 40 हजार से अधिक वोट मिले.

Delhi Election Results 2025: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के नेतृत्व में 15 साल तक सरकार चलाने के बाद सत्ता से बाहर हुई कांग्रेस इस बार के विधानसभा चुनाव में कुल 70 में से सिर्फ तीन सीटों पर ही अपनी जमानत बचा सकी. पार्टी का लगातार तीसरी बार चुनाव में खाता तक नहीं खुला. यह बात जरूर है कि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी ने राष्ट्रीय राजधानी में पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार अपनी वोट हिस्सेदारी में दो प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की है. 

उसने करीब 6.4 प्रतिशत वोट हासिल किए, जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव में उसे 4.26 प्रतिशत वोट मिले थे. कांग्रेस ने अपने इस प्रदर्शन पर निराशा जताई और साथ ही कहा कि उसने 2025 के विधानसभा चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है और 5 साल बाद सत्ता में वापसी करेगी.

कांग्रेस किन-किन सीटों पर बचा सकी जमानत?

कांग्रेस के जो तीन उम्मीदवार दिल्ली में अपनी जमानत बचाने में सफल रहे उनमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव भी शामिल हैं जिन्हें 40 हजार से अधिक मत और 27 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले. वह तीसरे स्थान पर रहे. अगर किसी उम्मीदवार को डाले गए कुल वोटों का कम से कम छठा हिस्सा नहीं मिलता है तो जमानत स्वरूप उसके द्वारा निर्वाचन आयोग के समक्ष दी गई राशि जब्त हो जाती है.

दिल्ली के कस्तूरबा नगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक दत्त न सिर्फ अपनी जमानत बचाने में सफल रहे, बल्कि दूसरे स्थान पर भी रहे. यह दिल्ली की इकलौती सीट हैं जहां कांग्रेस दूसरे पर स्थान पर रही. दत्त ने 27,019 वोट हासिल किए और उन्हें बीजेपी उम्मीदवार नीरज बसोया से 11 हजार से अधिक मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा. उन्हें करीब 32 प्रतिशत वोट हासिल हुए. 

नांगलोई जाट तीसरी ऐसी सीट है जहां कांग्रेस जमानत बचाने में सफल रही. यहां से पार्टी के उम्मीदवार और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव रोहित चौधरी ने 31,918 वोट और 20.1 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया. वह तीसरे स्थान पर रहे.

संदीप दीक्षित, अलका लांबा जैसे नेताओं की जमानत जब्त

संदीप दीक्षित, अलका लांबा, कृष्णा तीरथ, मुदित अग्रवाल, हारून यूसुफ और राजेश लिलोठिया ऐसे नेता रहे जो अपनी जमानत बचाने में विफल रहे. पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से चुनौती देने वाले पूर्व सांसद दीक्षित सिर्फ 4,568 वोट हासिल कर सके और वह तीसरे स्थान पर रहे. इस सीट पर बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल को 4,089 मतों के अंतर से पराजित किया.

मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ कालकाजी से चुनाव लड़ने वाली अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा को सिर्फ 4,392 वोट मिले. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रहीं कृष्णा तीरथ को इस बार कांग्रेस ने पटेल नगर से टिकट दिया था, लेकिन उन्हें सिर्फ 4,654 वोट से संतोष करना पड़ा और वह तीसरे स्थान पर रहीं.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजेश लिलोठिया को 11,823 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे. शीला दीक्षित सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे हारून यूसुफ बल्लीमारान से महज 13,059 वोट ही हासिल कर सके और उनकी जमानत जब्त हो गई. कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक को वजीरपुर से 6,348 वोट, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार को 16,549 वोट तथा दिल्ली नगर निगम के पूर्व महापौर फरहाद सूरी को जंगपुरा से 7,350 वोट हासिल हुए.

1998 से 2013 तक कांग्रेस का रहा सुनहरा दौर

दिल्ली की राजनीति में 1998 से 2013 तक अपना सुनहरा दौर देखने वाली कांग्रेस के लिए यह लगातार तीसरा विधानसभा चुनाव था जिसमें उसे एक भी सीट नहीं मिली. इस चुनाव में 12 सीटें ऐसी हैं जहां आम आदमी पार्टी को भाजपा से जितने मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा उससे अधिक मत कांग्रेस को मिले हैं. ऐसी एक सीट नई दिल्ली हैं जहां आप के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल को भाजपा उम्मीदवार प्रवेश वर्मा से 4089 मतों के अंतर से हार का मुंह देखना पड़ा, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी संदीप दीक्षित को इस सीट पर 4,568 वोट मिले.

2015 और 2020 के चुनाव में भी नहीं खुला था खाता

कांग्रेस 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में भी अपना खाता नहीं खोल सकी थी. दिल्ली में 1993 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 14 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी ने 49 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी. कांग्रेस का सर्वश्रेष्ठ दौर 1998 से 2013 तक का रहा. शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस ने लगातार तीन चुनाव (1998, 2003, और 2008) जीते और दिल्ली में 15 साल तक सत्ता में रही.

1998 में कांग्रेस ने 52 सीटें, 2003 में 47 सीटें और 2008 में 43 सीटें हासिल कीं. आम आदमी पार्टी के उदय के बाद दिल्ली की राजनीति में कांग्रेस का पराभव शुरू हुआ और 2013 के चुनाव में उसे सिर्फ 8 सीटें मिलीं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कांग्रेस के इस निराशाजनक प्रदर्शन के बारे में कहा, ''कांग्रेस को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, हालांकि वोट शेयर बढ़ा है. कांग्रेस का प्रचार अभियान जोरदार था. विधानसभा में भले ही न हो लेकिन दिल्ली में इसकी उपस्थिति जरूर है.'' 

उन्होंने कहा कि यह ऐसी उपस्थिति है जिसे लाखों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के निरंतर प्रयासों से चुनावी रूप से विस्तारित किया जाएगा तथा 203O में दिल्ली में एक बार फिर कांग्रेस सरकार बनेगी.

ये भी पढ़ें: सत्ता गई, खुद भी हारे, अब आगे क्या करेंगे अरविंद केजरीवाल? खुद बताया अपना प्लान

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'अमेरिका से डरते हैं चीन-रूस, मूर्खता में...', डोनाल्ड ट्रंप ने ऑयल टैंकर पर कब्जा करने के बाद पुतिन-जिनपिंग को दी खुली चुनौती
'अमेरिका से डरते हैं चीन-रूस, मूर्खता में...', ट्रंप ने पुतिन-जिनपिंग को दी खुली चुनौती
उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ क्यों अलग पार्टी बनाने की पड़ी जरूरत? शिंदे गुट के दीपक केसरकर का बड़ा खुलासा
उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ क्यों अलग पार्टी बनाने की पड़ी जरूरत? शिंदे गुट के दीपक केसरकर का बड़ा खुलासा
क्या 2026 टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो जाएगा पाकिस्तान का सबसे खूंखार गेंदबाज? खुद दिया अपडेट
क्या 2026 टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो जाएगा पाकिस्तान का सबसे खूंखार गेंदबाज? खुद दिया अपडेट
कंगना रनौत को बड़ा झटका, बठिंडा कोर्ट में पेश नहीं हुईं तो जारी होगा गिरफ्तारी वारंट
कंगना रनौत को बड़ा झटका, बठिंडा कोर्ट में पेश नहीं हुईं तो जारी होगा गिरफ्तारी वारंट

वीडियोज

Air Fare Hike: किराए अचानक क्यों और कैसे बढ़ गए, DGCA ने एयरलाइंस से मांगा जवाब | Breaking
Janhit with Chitra Tripathi: Turkman Gate Violence में ‘अफवाह गैंग’ का पर्दाफाश, Viral Video में कैद
Turkman Gate Row: अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन के दौरान बवाल क्यों? | Delhi
Sandeep Chaudhary ने आंकड़ों से दिखायाSourabh Malviya को आईना! | UP SIR Draft List | BJP | SP
Turkman Gate Row: मस्जिद को तोड़ने की थी साजिश..तुर्कमान गेट बवाल का असली सच क्या? | Delhi

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'अमेरिका से डरते हैं चीन-रूस, मूर्खता में...', डोनाल्ड ट्रंप ने ऑयल टैंकर पर कब्जा करने के बाद पुतिन-जिनपिंग को दी खुली चुनौती
'अमेरिका से डरते हैं चीन-रूस, मूर्खता में...', ट्रंप ने पुतिन-जिनपिंग को दी खुली चुनौती
उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ क्यों अलग पार्टी बनाने की पड़ी जरूरत? शिंदे गुट के दीपक केसरकर का बड़ा खुलासा
उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ क्यों अलग पार्टी बनाने की पड़ी जरूरत? शिंदे गुट के दीपक केसरकर का बड़ा खुलासा
क्या 2026 टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो जाएगा पाकिस्तान का सबसे खूंखार गेंदबाज? खुद दिया अपडेट
क्या 2026 टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो जाएगा पाकिस्तान का सबसे खूंखार गेंदबाज? खुद दिया अपडेट
कंगना रनौत को बड़ा झटका, बठिंडा कोर्ट में पेश नहीं हुईं तो जारी होगा गिरफ्तारी वारंट
कंगना रनौत को बड़ा झटका, बठिंडा कोर्ट में पेश नहीं हुईं तो जारी होगा गिरफ्तारी वारंट
DK शिवकुमार, सचिन पायलट, कन्हैया कुमार, बघेल...चुनावों से पहले कांग्रेस ने बनाई बड़ी टीम, इन्हें मिली जिम्मेदारी
DK शिवकुमार, सचिन पायलट, कन्हैया कुमार, बघेल...चुनावों से पहले कांग्रेस ने बनाई बड़ी टीम, इन्हें मिली जिम्मेदारी
'बैंगन' बोलने पर ट्रोल हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, TMC ने मजाक उड़ाते हुए कही बड़ी बात
'बैंगन' बोलने पर ट्रोल हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, TMC ने मजाक उड़ाते हुए कही बड़ी बात
Toilet Flushing Hygiene: सावधान! टॉयलेट फ्लश करते समय खुली सीट बन सकती है बीमारियों की वजह, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
सावधान! टॉयलेट फ्लश करते समय खुली सीट बन सकती है बीमारियों की वजह, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
तेलंगाना में जुबानी जंग की हदें पार! कांग्रेस विधायक ने KTR को दी जूतों से मारने की दी धमकी
तेलंगाना में जुबानी जंग की हदें पार! कांग्रेस विधायक ने KTR को दी जूतों से मारने की दी धमकी
Embed widget