दिल्ली एसिड अटैक केस निकला झूठा, पिता ने रची थी साजिश, चौंकाने वाले खुलासे से पुलिस भी हैरान
Delhi Acid Attack Case: दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा पर तेजाब से हमले का मामला झूठा निकला है. लड़की के पिता ने आरोपी कहे जाने वाले युवक जितेंद्र को फंसाने के लिए ये पूरी साजिश रची थी.

दिल्ली में छात्रा पर एसिड अटैक का मामला पूरी तरफ से फर्जी निकला है. इस केस में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए छात्रा के पिता को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक जिस एसिड से हमले का आरोप लगाया जा रहा था, छात्रा खुद उसे खरीद कर लाई थी और वह टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब था.
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक छात्रा के पिता अकील ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया कि जितेंद्र को फंसाने के लिए एसिड अटैक की साजिश रची थी. अकील ने पीड़िता को कहा था कि जितेंद्र की पत्नी मुझ पर केस दर्ज करवा रही है इसलिए उसको फंसाना है.
पिता-बेटी पर होगा केस
वहीं जितेंद्र के अलावा ईशान और अरमान से भी पीड़िता के पिता का विवाद चलता था, इसलिए उनका नाम भी लिखवाया. आरोपी और उसकी बेटी के खिलाफ झूठा षड्यंत्र रचने के आरोप में दिल्ली पुलिस कानूनी कार्रवाई करने जा रही है. पुलिस बीएनएस की धाराओं में आपराधिक साजिश की भी धारा लगाएगी. आरोपी पिता और उसकी बेटी पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.
लड़की के पिता के खिलाफ रेप का आरोप
पुलिस ने एक बयान में कहा कि जितेंद्र की पत्नी ने पहले कथित पीड़िता के पिता अकील खान पर रेप का आरोप लगाया था. मामले की रिपोर्ट भलस्वा डेयरी थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई थी. महिला ने आरोप लगाया था कि 2021 से 2024 के बीच वह अकील खान की मोजे की फैक्टरी में काम करती थी, जहां खान ने उसका यौन उत्पीड़न किया और उसकी निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिये उसे ब्लैकमेल किया.
तेजाब नहीं टॉयलेट क्लीनर था
पुलिस के मुताबिक, महिला ने 24 और 25 अक्टूबर को पीसीआर (पुलिस नियंत्रण कक्ष) में फोन किया, लेकिन लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई. एक अधिकारी के अनुसार, आरोप के आधार पर पुलिस ने खान से पूछताछ की, जिसमें उसने खुलासा किया कि उसने तेजाब हमले की झूठी कहानी गढ़ी थी और जिस तरल पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था, वह साधारण टॉयलेट क्लीनर था. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
























