Malviya Nagar Fire: दिल्ली अग्निकांड में उजड़ा गुरुग्राम का पूरा परिवार, पिता के इलाज के लिए आए 8 लोगों की मौत
Delhi Hotel Fire News: दिल्ली के होटल में लगी आग में गुरुग्राम के सीए विवेक अग्रवाल समेत उनके परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई. पिता के इलाज के लिए दिल्ली पहुंचे परिवार की इस हादसे में जान चली गई.

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. इस दर्दनाक हादसे में गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी विवेक अग्रवाल और उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई. हादसे की खबर मिलते ही गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित उनके घर के बाहर सन्नाटा पसर गया. पड़ोसियों और जानने वालों को अब भी यकीन नहीं हो रहा कि हमेशा मुस्कुराकर मिलने वाला परिवार अब उनके बीच नहीं रहा.
जानकारी के अनुसार, विवेक अग्रवाल एक निजी कंपनी में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के पद पर कार्यरत थे. उनके पिता राधेश्याम अग्रवाल की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी और उनका इलाज दिल्ली के मैक्स अस्पताल में चल रहा था.
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परिवार के सदस्य पिता की देखभाल और मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंचे हुए थे. इसी दौरान वे मालवीय नगर के उस होटल में ठहरे थे, जहां यह भीषण हादसा हुआ.
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बताया जा रहा है कि हादसे के समय परिवार होटल में मौजूद था. सुबह के समय अचानक होटल में आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और होटल के कई हिस्से इसकी चपेट में आ गए. आग और धुएं के कारण लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका.
हादसे में विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, मां प्रेमलता अग्रवाल और परिवार के अन्य सदस्यों की मौत होने की जानकारी सामने आई है. परिवार की दो बेटियां जीविषा और वरिया भी इस हादसे का शिकार हुईं. बताया जा रहा है कि इस अग्निकांड में कुल 21 लोगों की जान गई, जिनमें से 8 लोग गुरुग्राम से जुड़े बताए जा रहे हैं.
पड़ोसियों को नहीं हो रहा विश्वास
विवेक अग्रवाल के घर के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि वह बेहद मिलनसार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे. पड़ोसियों के अनुसार, उनका परिवार सभी के सुख-दुख में शामिल होता था और इलाके में उनकी अच्छी पहचान थी.
पड़ोसी योगेंद्र यादव ने बताया कि हादसे की खबर सुनकर पूरा मोहल्ला स्तब्ध है. किसी को यकीन नहीं हो रहा कि कुछ दिन पहले तक हंसता-खेलता परिवार आज इस तरह की त्रासदी का शिकार हो गया. अन्य पड़ोसियों ने भी कहा कि विवेक और उनका परिवार बेहद अच्छे स्वभाव का था और सभी के साथ आत्मीयता से पेश आता था.
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हादसे के बाद सेक्टर-46 में शोक का माहौल है. परिवार के घर पर रिश्तेदारों और परिचितों का आना-जाना लगा हुआ है. वहीं, लोगों की नजरें प्रशासन और परिजनों से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी पर टिकी हैं.
फिलहाल परिवार के सभी सदस्यों की स्थिति को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है. स्थानीय लोगों को इंतजार है कि मृतकों के शव कब गुरुग्राम लाए जाएंगे ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके. इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है.

























