दिल्ली: सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, GST विभाग में लॉटरी से हुई अधिकारियों की पोस्टिंग
Delhi Government Decision: दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता ने पारदर्शिता के साथ बड़ा फैसला लेते हुए अहम कदम उठाया है. अब जीएसटी विभाग में लॉटरी सिस्टम से अधिकारियों की पोस्टिंग की जाएगी.

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक नया कदम उठाया है. अब जीएसटी विभाग में अधिकारियों की पोस्टिंग सिफारिश या दबाव से नहीं, बल्कि 'लॉटरी सिस्टम' से की जा रही है. इस नई व्यवस्था के तहत 87 अधिकारियों और निरीक्षकों को अलग-अलग वार्डों में तैनाती दी गई.
सरकार के अनुसार ये सभी अधिकारी 23 अप्रैल को जारी सर्विस ऑर्डर के बाद विभाग में आए थे. पोस्टिंग की पूरी प्रक्रिया विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में सबके सामने कराई गई. खास बात यह रही कि अधिकारियों ने खुद अपने हाथ से पर्ची निकाली और उसी के आधार पर उनकी पोस्टिंग तय हुई.
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वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच पूरी हुई प्रक्रिया
इस प्रक्रिया में दो बॉक्स रखे गए थे. एक बॉक्स में अधिकारियों के नाम थे और दूसरे में खाली वार्ड नंबर. दोनों बॉक्स से पर्ची निकालने के बाद ही यह तय हुआ कि किस अधिकारी को कौन सा वार्ड मिलेगा. पूरी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई, ताकि बाद में कोई विवाद न हो और सब कुछ जांचा जा सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है. उनका कहना है कि इस तरह की व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि ईमानदार अधिकारियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा. इससे लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होगा.
पक्षपात और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच लिया फैसला
सरकारी विभागों में पोस्टिंग और ट्रांसफर को लेकर अक्सर पक्षपात और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं. कई बार यह देखा गया है कि पसंदीदा जगह पाने के लिए सिफारिश या गलत तरीकों का सहारा लिया जाता है. ऐसे में यह नया लॉटरी सिस्टम एक अलग प्रयोग माना जा रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह व्यवस्था सही तरीके से लागू होती है, तो इससे प्रशासन में निष्पक्षता आएगी और कामकाज तेज होगा. साथ ही, कर्मचारियों के बीच भी असंतोष कम हो सकता है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इस तरह की पारदर्शी व्यवस्था अन्य विभागों में भी लागू की जा सकती है. सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली को साफ-सुथरे और आधुनिक प्रशासन का उदाहरण बनाया जाए.

























