International Women's Day: आतिशी ने किया महिला कर्मचारियों का सम्मान, कहा- 'सिर्फ घर के...'
Atishi News: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आतिशी ने महिला सफाई कर्मचारियों और आशा वर्करों को सम्मानित किया. उन्होंने समानता और महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया.

Atishi on International Women's Day: 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व CM आतिशी ने महिला सफाई कर्मचारियों और आशा वर्करों को सम्मानित किया. यह कार्यक्रम करोल बाग में हुआ, जहां "AAP" विधायक विशेष रवि भी उपस्थित रहे.
आतिशी ने कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पूरे साल किया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में महिलाएं आगे बढ़ी हैं, लेकिन अभी भी कई परिवारों में बेटियों को बराबरी का अधिकार नहीं मिलता.
बेटे को प्राइवेट और बेटी को सरकारी स्कूल में भेजते थे मां-बाप- आतिशी
उन्होंने दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा, "पहले बेटों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाया जाता था, जबकि बेटियों को सरकारी स्कूलों में भेजा जाता था. उनके बचपन से ही माता-पिता सोच रहे होते हैं कि बेटी की शादी करनी होगी, दहेज में सामान देना होगा. आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हम सबको मिलकर काम करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि वास्तव में हमारे शहर और पूरे देश में महिलाओं को बराबरी का हक दिया जाए.ठ
घर से करनी होगी शुरुआत- आतिशी
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज में महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए घर से शुरुआत करनी होगी. उन्होंने कहा कि परिवार में ही बेटों और बेटियों के बीच समानता की भावना विकसित करनी होगी. महिलाएं भी समाज में बदलाव लाने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने घर से पहल करनी होगी.
आतिशी ने कहा कि लड़कियों को भी समान अवसर मिलने चाहिए, चाहे वह शिक्षा हो या नौकरी. उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है क्योंकि आर्थिक स्वतंत्रता से ही वे समाज में मजबूत हो सकती हैं. इसके लिए न सिर्फ लड़कियों को बल्कि लड़कों को भी शिक्षित करना आवश्यक है, ताकि वे महिलाओं को बराबरी का दर्जा दें.
पति-पत्नी दोनों संभाले घर के काम- आतिशी
उन्होंने यह भी कहा, "आज भी बहुत पढ़े-लिखे घरों में भी पति-पत्नी नौकरी करते हैं. दोनों शाम ड्यूटी से घर वापस आते हैं. इसके बाद पति टीवी के सामने बैठ जाता है, लेकिन पत्नी दिन भर काम करने के बाद घर में भी काम करती है. यह गलती हमारी भी है कि हमने अपने बेटों के अंदर यह संस्कार नहीं डाला कि हर व्यक्ति बराबर होता है और हर काम में बराबरी की हिस्सेदारी करना जरूरी है. पति-पत्नी दोनों काम करने के बाद भी घर के काम की जिम्मेदारी सिर्फ महिलाओं पर नहीं होनी चाहिए."
उन्होंने सभी से कहा कि वे अपने घरों से इस बदलाव की शुरुआत करें ताकि भविष्य में महिलाओं को समान अवसर और अधिकार मिलें. कि महिलाओं को सिर्फ घर के कामों तक सीमित नहीं रखना चाहिए.
इस कार्यक्रम में उन्होंने पढ़ाई कर रही बच्चियों को भी प्रेरित किया और बताया कि वे किसी भी क्षेत्र में सफल हो सकती हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज महिलाएं बड़े-बड़े पदों पर हैं, चांद तक पहुंच चुकी हैं और खेल जगत में भी देश का नाम रोशन कर रही हैं.
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस अवसर पर आतिशी ने सभी से आग्रह किया कि वे अपने घरों और समाज में महिलाओं को बराबरी का हक दिलाने के लिए आगे आएं और उन्हें समान अवसर प्रदान करें.
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Source: IOCL























