'हर संकट का बोझ आखिर लोगों पर ही क्यों?' प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर अरविंद केजरीवाल का पलटवार
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर हर बार बोझ आम लोगों पर ही क्यों पड़ता है?

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मिडिल ईस्ट के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा में दिए बयान के बाद पलटवार किया है.
सोशल मीडिया साइट एक्स पर अरविंद केजरीवाल ने लिखा कि मोदी सरकार मध्य पूर्व में युद्ध से पैदा हुए संकट को संभालने में पूरी तरह विफल रही है. शेयर बाज़ार गिर रहा है, एलपीजी की कमी के कारण कई कारोबार बंद हो गए हैं, लोग भीषण गर्मी में सिलेंडर के लिए कतारों में खड़े हैं, प्रवासी मज़दूरों की रोज़ी-रोटी छिन गई है और रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर को छू रहा है.
आप नेता ने लिखा कि पूरी दुनिया को पता था कि युद्ध किसी भी समय छिड़ सकता है. फिर मोदी सरकार बिना तैयारी के क्यों पकड़ी गई? पहले से पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई और वैकल्पिक आपूर्ति क्यों सुनिश्चित नहीं की गई?
उन्होंने लिखा कि हर संकट का बोझ आखिर लोगों पर ही क्यों डाला जाता है? इस सरकार की नाकामियों की कीमत आम आदमी को ही क्यों चुकानी पड़ती है?
प्रधानमंत्री ने लोकसभा में क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से पैदा हुए अप्रत्याशित संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है जिससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तत्पर है और देशवासियों को उसी तरह तैयार रहना होगा जिस तरह एकजुटता के साथ सबने कोरोना वायरस महामारी का सामना किया था.
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर लोकसभा में वक्तव्य देते हुए कहा कि इस समस्या का समाधान कूटनीति और बातचीत से ही संभव है तथा भारत तनाव को कम करने व संघर्ष समाप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है.उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि पिछले एक दशक में ऊर्जा क्षेत्र में सरकार की तैयारियों के कारण आज हालात से निपटने में मदद मिल रही है.
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