राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर कब्जा वाले बयान पर उपेंद्र कुशवाहा बोले, 'अगर कोई...'
Upendra Kushwaha News: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि चुनाव आयोग पर RSS के प्रोजेक्ट के तहत कब्जा किया गया. इस पर उपेंद्र कुशवाहा ने प्रतिक्रिया दी.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने RSS का जिक्र कर कहा कि चुनाव आयोग पर कब्जा किया गया है. इस पर अब RLM चीफ और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की प्रतिक्रिया सामने आई है. राहुल गांधी के बयान पर उन्होंने कहा कि अगर कोई स्पेसिफिक विषय है तो उसको वो लाएं, उस पर किसी का ध्यान भी जाएगा. सामान्य रूप से बोलेंगे कि संस्थाओं पर बीजेपी कब्जा कर रही है तो इस बात का कोई मतलब नहीं है.
इसका कोई अर्थ नहीं है- कुशवाहा
उपेंद्र कुशवाहा ने आगे कहा, "बिना जाने समझे कुछ भी बोलना, इसका क्या अर्थ है, इसका कोई अर्थ नहीं है."
देश की जनता के प्रति राहुल गांधी की कोई रूची नहीं- कुशवाहा
उन्होंने ये भी कहा, "राहुल गांधी की देश की जनता के प्रति कोई रूची हो तभी तो कोई बात बने. कोई रूची नहीं है. बस शौकिया राजनीति करते हैं. जब मन हो देश में रहते हैं, जब मन हो विदेश चले जाते हैं. देश की जनता देख रही है इसलिए कांग्रेस की दुर्गति भी देश की जनता ने बना दी है."
Patna, Bihar: On Lok Sabha LoP Rahul Gandhi's speech on RSS, RLM National President and MP Upendra Kushwaha says, "If there are specific issues, focus on them so that attention is drawn to those matters. Making general statements like 'BJP is taking over institutions' serves no… pic.twitter.com/SGXGbU4Mi6
— IANS (@ians_india) December 10, 2025
SIR के मुद्दे पर बिहार की जनता ने दिया जवाब- कुशवाहा
SIR के मुद्दे पर भी उन्होंने विपक्ष पर पलटवार किया. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, "SIR को मुद्दा बनाकर बिहार में उन लोगों ने तो देख लिया. बिहार की जनता ने उनके SIR के मुद्दे का जवाब जोरदार तरीके से दे दिया है. अब उसके बाद भी SIR को मुद्दा बनाने की कोशिश है. उनकी बुद्धि के मालिक भगवान ही है."
बिहार की जनता ने पिटाई कर दी- कुशवाहा
RLM चीफ ने कहा कि जिस चीज को मुद्दा बनाकर मुंह की खाए, बिहार की जनता ने पिटाई कर दी है. फिर उसको मुद्दा बनाने की कोशिश है. विपक्ष पर तंज करते हुए कहा, "वो ऐसे ही करते रहें, NDA के समर्थन में बिहार की जनता आशीर्वाद देती रहे."
Source: IOCL
























