ईरान जंग के बीच बहरीन में फंसे 100 से ज्यादा भारतीय, परिवारों ने लगाई मदद की गुहार
US-Israel-Iran War: ईरान-इजराइल तनाव के बीच बहरैन घूमने गए तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के सौ से ज्यादा तेलुगु परिवार वहां फंस गए हैं.

हैदराबाद निवासी सॉल्मन राज ने जारी किया वीडियो
हैदराबाद के रहने वाले सॉल्मन राज ने एक वीडियो जारी कर केंद्र सरकार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से तुरंत मदद की अपील की है. वीडियो में उन्होंने बताया कि जब वे और उनके साथी वापसी के लिए एयरपोर्ट पहुंचे तो आसपास बम और मिसाइलों की आवाजें सुनाई दे रही थीं. बोर्डिंग पास लेने पहुंचे कई लोगों को वापस भेज दिया गया.
सॉल्मन राज ने कहा कि वे सभी अब होटल में रुके हैं, लेकिन उनके पास पैसे कम होते जा रहे हैं और बुजुर्गों को दवा की जरूरत है. उन्होंने कहा, “हमारी अपील है कि भारत सरकार, तेलंगाना और आंध्र सरकार हमें जल्द सुरक्षित निकालें. यहां हालात ठीक नहीं हैं.” बताया जा रहा है कि फंसे हुए पर्यटकों की संख्या सौ से ज्यादा है. कई परिवारों ने भी अलग-अलग वीडियो जारी कर अपनी परेशानी बताई है.
दूतावास से साफ जानकारी नहीं मिलने का आरोप
फंसे हुए लोगों का कहना है कि भारतीय दूतावास से भी उन्हें साफ और पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है. एक पर्यटक ने कहा कि दूतावास की तरफ से सिर्फ होटल में रुकने की सलाह दी गई है, लेकिन आगे की योजना के बारे में कुछ नहीं बताया गया. पैसे और दवाइयों की कमी से खासकर बुजुर्ग और बीमार लोग ज्यादा परेशान हैं.
तेलंगाना सरकार ने पहले ही गल्फ देशों में फंसे तेलुगु लोगों के लिए कंट्रोल रूम बनाया है. आंध्र प्रदेश सरकार ने भी एपीएनआरटीएस के जरिए मदद शुरू की है और कुछ लोगों को मुस्कट जाने की सलाह दी है. दोनों राज्य सरकारें केंद्र सरकार के साथ मिलकर विदेश मंत्रालय से संपर्क में हैं और हालात पर नजर रखे हुए हैं.
हैदराबाद एयरपोर्ट पर भी कई उड़ानें रद्द
यह घटना ऐसे समय हुई है जब मिडिल ईस्ट में हवाई क्षेत्र बंद होने का असर भारत पर भी पड़ा है. हैदराबाद एयरपोर्ट से कई फ्लाइट्स रद्द हो चुकी हैं. पिछले दिनों दुबई और अबू धाबी में फंसे लोगों को भी इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा था. फिलहाल बहरीन में फंसे सभी पर्यटक होटल में सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन हालात सामान्य होने तक उनकी वापसी संभव नहीं दिख रही है. भारत में बैठे उनके परिवार लगातार चिंता में हैं और रोज फोन कर उनका हाल पूछ रहे हैं. अब इन सभी की एक ही मांग है कि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित भारत वापस लाया जाए.
Source: IOCL

























