बंगाल के नतीजों पर तेजस्वी यादव का बड़ा बयान, 'हम लोगों को एहसास ही नहीं हो रहा था कि...'
West Bengal Election Result 2026: बिहार के पूर्व डिप्टी CM तेजस्वी यादव ने कहा कि बंगाल में हमलोगों को एहसास ही नहीं था कि इस प्रकार का रिजल्ट आएगा लेकिन बीजेपी है, पूरा सिस्टम इनके हाथ में है.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार के बाद सियासत गरमाई हुई है. इस बीच आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बीजेपी को घेरा है. बुधवार (6 मई) को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बंगाल में जो नतीजे आए हैं, हम लोग तो जमीन पर घूमे हैं, बीजेपी तो कहीं नहीं थी. अमित शाह हों या बीजेपी के कोई और लोग हों, पूरे तंत्र-मंत्र और षडयंत्र का इस्तेमाल कर इन लोगों ने चुनाव लड़ा. हम तो यही जान रहे हैं कि जहां-जहां एसआईआर हुआ, जो बड़े बड़े राज्य थे चाहे महाराष्ट्र हो, बिहार हो या बंगाल हो, वहां आप लोगों ने नतीजा देखा होगा. देर सवेर इनका षडयंत्र उजागर होने वाला है.
बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा, ''बंगाल में हम लोगों को एहसास ही नहीं हो रहा था कि इस प्रकार का रिजल्ट आएगा लेकिन बीजेपी है, पूरा सिस्टम इनके हाथ में है. जहां तक इलेक्शन कमीशन की बात की जाए, जब अंपायर ही बेईमान हो तो क्या किया जा सकता है, फिर भी हम लोगों की विचारधारा है, हार-जीत ज्यादा फर्क और मायने नहीं रखता है. कई चुनाव होंगे आते रहेंगे लेकिन बात अपनी नीति और सिद्धांत के लिए लड़ाई लड़ना है. हम आरएसएस और बीजेपी की विचारधारा के खिलाफ लड़ते रहेंगे.''
केरल में RJD के लिए पॉजिटिव रिजल्ट आया- तेजस्वी यादव
जब उनसे पूछा गया कि ऐसा कहा जा रहा है कि जहां-जहां आप गए, वहां चुनाव हार गए. इस पर तेजस्वी यादव ने कहा, "जिसको जो बोलना है, बोलने दीजिए. उससे फर्क नहीं पड़ रहा है. बड़ी खुशी की बात है कि केरल में आरजेडी ने तीन प्रत्याशी दिए थे. एक प्रत्याशी हमारे जीते हैं और दो दूसरे स्थान पर आए हैं. पहली बार हम लोग केरल में चुनाव लड़े और पार्टी के लिए पॉजिटिव रिजल्ट आया है. जो लोग बोल रहे हैं वो अपने नाम पर एक विधायक जिताकर दिखा दें. जिन लोगों की चुनाव लड़ने की औकात नहीं है वो बड़ी-बड़ी बातें करते हैं.
निशांत कुमार के मंत्री बनने की संभावना पर क्या बोले तेजस्वी?
निशांत कुमार के मंत्री बनने की संभावना पर तेजस्वी यादव ने कहा, ''बिहार का रिजल्ट नवंबर में आया, अभी मई चल रहा है, सात महीनों में सरकार का ही गठन नहीं हो पाया है. बिहार का भला होगा क्या? एक साल का पचास फीसदी समय ही इन लोगों ने बर्बाद कर दिया. अब तक मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो पाया. छह महीने में हम लोगों ने दो मुख्यमंत्री देख लिए. हमने तो विधानसभा में कह दिया था कि अब मेरे ऊपर परिवारवाद का आरोप नहीं लगेगा. उन लोगों को नहीं लगाना चाहिए. कथनी कुछ है, करनी कुछ है.''

























