Success Story: हमेशा चर्चा में रहतीं हैं बिहार की ये IAS, कभी शिक्षा तो कभी सेनेटरी नैपकिन से बदली समाज की तस्वीर
IAS Varsha Singh: समाजिक क्षेत्र में कार्यों के लिए आईएएस वर्षा सिंह जानी जाती हैं. उत्कृष्ट कार्यों के लिए इन्हें कई पुरस्कार भी मिल चुका है. अभी ये संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं.

गोपालगंज: बिहार में मुजफ्फरपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है. 2017 में भी मुजफ्फरपुर बाढ़ से काफी प्रभावित हो गया था. बाढ़ से यहां के लोगों की जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया था. इस दौरान एक महिला आईएएस अधिकारी की काफी चर्चा हो रही थी. बाढ़ के दौरान महिलाओं और बच्चों के हित में किए गए आईएएस वर्षा सिंह (IAS Varsha Singh) के कार्यों को काफी सराहा गया था. बाढ़ पीड़ित किशोरियों और महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन को उन्होंने मुफ्त में वितरण करवाया था. इसके साथ ही भोजन और शिक्षा के लिए किए गए इंतजाम भी चर्चा में रहा. आईएएस वर्षा सिंह तब मुजफ्फरपुर में सहायक समाहर्ता के रूप में पदस्थापित थी. अभी ये बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं.
खगड़िया की रहने वाली हैं वर्षा सिंह
आईएएस वर्षा सिंह खगड़िया जिले के वोरना गांव की निवासी हैं. वर्षा सिंह वर्ष 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. इनके पिता अरुण कुमार सिंह बिहार से निकलकर महाराष्ट्र के नागपुर में परिवार के साथ चल गए और वही रहने लगे. वर्षा सिंह सीबीएसई से 12 वीं तक की परीक्षा पास करने के बाद बीएससी की पढ़ाई की. इसके बाद बीएड और एमए इतिहास में की. एमए करने के बाद वर्षा ने पब्लिक मैनेंजमेंट की और पढ़ाई करने के साथ ही बच्चों को पढ़ाने लगी. साथ ही यूपीएससी की तैयारी भी कर रही थीं. वर्ष 2016 में यूपीएससी की परीक्षा में परचम लहरा कर उन्होंने अपनी मातृभूमि बिहार कैडर को चुना.
मुजफ्फरपुर रहा खास
वर्षा सिंह के लिए मुजफ्फरपुर बहुत ही खास रहा. यहां 2017 में वो चार से पांच महीना मीनापुर प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी सह आंचल अधिकारी के साथ एमओ भी रहीं. केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय में तीन माह के लिए सहायक सचिव के पद पर भी तैनात थीं, इस दौरान उन्होंने मध्यान भोजन योजना के लिए सफल क्रियान्वयन के संबंध में सरकार को विशेष सुझाव दी. गोपालगंज में एसडीओ के रूप में भ्रष्टाचार के विरूद्ध इनकी मुहिम काफी सफल रहा. वहीं, कटिहार में डीडीसी के रूप में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा बेस्ट ईआरओ का अवार्ड भी इनको मिला था. वर्षा सिंह के प्रयास से ही नीति आयोग द्वारा विकास कार्यों के लिए तीन करोड़ की राशि मिली थी. अभी भवन निर्माण विभाग में संयुक्त सचिव पद पर भी सामाजिक दायित्यों का निर्वहन कर रही हैं.
मिल चुके हैं कई पुरस्कार
वर्षा सिंह से शुरू से ही समाजिक कार्यों में रुचि रखती थीं. शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा आगे रहीं. गरीब बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ, उन्हें कांपी, किताब और पेंसिल भी खरीदकर बांटती थी. इसके अलावे विपार्ड में ट्रेनी अफसरों को भी पढ़ाती थी. अध्ययन और अध्यापन के क्षेत्र में उन्हें कई मेडल और पुरस्कार मिल चुका है.
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