सम्राट ने प्रशांत किशोर को बताया 'बेचारा', जन सुराज ने कहा- CM 'हत्यारा'
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक इंटरव्यू में यह कहा है कि वे व्यक्तिगत नहीं होते हैं. प्रशांत किशोर से जुड़े सवालों पर बयान दिया कि अच्छी बात कि सब सम्राट चौधरी से ही मोहब्बत कर रहा है.

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक इंटरव्यू में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को 'बेचारा' कहा है. उनके इस बयान पर जन सुराज की ओर से भी पलटवार करते हुए उन्हें 'हत्यारा' कह दिया है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एएनआई को इंटरव्यू दे रहे थे. इस दौरान उनसे सवाला किया गया कि बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने आपको टारगेट किया, बीजेपी को नहीं किया. इस पर सम्राट चौधरी ने कहा, "व्यक्तिगत हमारी किसी से लड़ाई नहीं है... तो मैं व्यक्तिगत होता नहीं हूं. वो बेचारा है, करने दीजिए…"
'सब सम्राट चौधरी से ही मोहब्बत कर रहा…'
सम्राट चौधरी ने बातचीत के क्रम में कहा कि मैं बिहार में काम करने के लिए आया हूं. मेरे खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक लोग लड़ते हैं लड़ने दीजिए, कोर्ट को काम करने दीजिए. हम कोर्ट जाने से कहां किसी को मना कर रहे हैं, जो बोल रहा है बोलने दीजिए. सीएम ने कहा कि ये तो अच्छी बात है न सब सम्राट चौधरी से ही मोहब्बत कर रहा है.
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जन सुराज ने कहा हत्यारा से बेचारा ठीक
प्रशांत किशोर पर की गई इस टिप्पणी के बाद जन सुराज ने पलटवार किया है. एक तरफ सम्राट ने प्रशांत किशोर को बेचारा कहा है तो जन सुराज ने पलटवार करते हुए सीएम को हत्यारा कह दिया है.
बीते मंगलवार (08 सितंबर, 2026) को सम्राट चौधरी के इस बयान के सामने आने के बाद जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने कहा कि 'हत्यारा' होने से 'बेचारा' होना ठीक है. प्रशांत किशोर सात हत्या के मुख्य अभियुक्त नहीं रहे हैं.
@PrashantKishor जी बेचारे तो हो सकते हैं @samrat4bjp जी..
— Kumar Saurabh Singh (@iKumarSaurabh) September 8, 2026
"हत्यारा" होने से "बेचारा" होना ठीक है प्रभु!
प्रशांत किशोर 7 हत्या के मुख्य अभियुक्त नहीं रहे हैं। प्रशांत जी नाम, उम्र या डिग्री में फर्जीवाड़ा नहीं किए हैं।
बांकीपुर के विधानसभा के चुनाव में हार आपकी व्यक्तिगत हार है… pic.twitter.com/Qa5wcTjTTF
कुमार सौरभ ने कहा, "प्रशांत जी ने नाम, उम्र या डिग्री में फर्जीवाड़ा नहीं की है. बांकीपुर के विधानसभा के चुनाव में हार आपकी व्यक्तिगत हार है और नैतिकता की उम्मीद आपसे करना बेईमानी है इसलिए यह भी कह सकते हैं कि नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दीजिए… नीतीश कुमार जी के चेहरे के पश्चात आपके अपने चाल, चरित्र और चेहरे पर ये पहला चुनाव था और बिहार और बांकीपुर की जनता ने अपना संदेश दे दिया है. बाकी का हिसाब 2029 व 2030 में बिहार की जनता करेगी…"
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