रोहतास के नन्हे हरीश को मिला नया परिवार, अमेरिकी दंपती ने गोद लेकर दी नई पहचान
Bihar News: रोहतास के एक वर्षीय हरीश को अमेरिकी दंपती कैमरन और रूचिल क्रो ने गोद लिया. गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गई है. हरीश को अब नए परिवार के साथ सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य मिल गया है.

बिहार के रोहतास जिले में बुधवार (28 जनवरी) एक अत्यंत भावुक और सुखद खबर सामने आई है जिसने मानवता और संवेदनाओं को एक नई दिशा दी है. रोहतास के विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान में रह रहे एक वर्षीय बालक हरीश को अब एक स्नेहिल परिवार और नई पहचान मिल गई है. जिला पदाधिकारी उदिता सिंह द्वारा को सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए हरीश को संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास निवासी दंपती मिस्टर कैमरन ली क्रो और रूचिल मेरी क्रो को गोद सौंपा गया.
साथ ही अब नन्हा हरीश भारत की मिट्टी से निकलकर टेक्सास की वादियों में एक सुरक्षित, सशक्त और उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाएगा. यह दत्तकग्रहण केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है. बल्कि एक ऐसे मासूम जीवन को नई दिशा देने का उदाहरण है, जो परिवार के स्नेह से वंचित था. हरीश अब एक ऐसे घर में पले-बढ़ेगा. जहां उसे माता-पिता का प्यार, सुरक्षा और बेहतर अवसर मिलेंगे.
कानूनी प्रक्रिया के तहत पूरा हुआ दत्तकग्रहण
इस अंतर्देशीय दत्तकग्रहण की प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA), नई दिल्ली से प्राप्त अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के बाद दत्तक ग्रहण अधिनियम के कड़े प्रावधानों के अंतर्गत पूरी की गई. सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच, काउंसलिंग, चिकित्सकीय रिपोर्ट, होम स्टडी रिपोर्ट और अन्य औपचारिकताओं को विधिवत पूरा किया गया. सभी पहलुओं पर संतुष्टि के बाद जिला पदाधिकारी उदिता सिंह ने अंतर्देशीय दत्तक ग्रहण का अंतिम आदेश पारित किया. इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि बालक का भविष्य सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक हो.
डीएम ने दिया उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद
दत्तकग्रहण के अवसर पर जिला पदाधिकारी उदिता सिंह ने बालक हरीश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उन्होंने अमेरिकी दंपती को परामर्श देते हुए कहा कि वे बालक के टीकाकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र विकास पर विशेष ध्यान दें. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत की यह धरती हरीश की जन्मभूमि है और उसकी पहचान से जुड़े मूल्यों को संजोकर रखना भी महत्वपूर्ण है. डीएम ने कहा कि दत्तकग्रहण जैसी प्रक्रियाएं समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करती हैं और यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है.
अमेरिकी दंपती के चेहरे पर छलकी खुशी
हरीश को पुत्र के रूप में पाकर मिस्टर कैमरन ली क्रो और रूचिल मेरी क्रो के चेहरे पर अपार खुशी और संतोष साफ झलक रहा था. दंपती ने भारतीय प्रशासन, बाल संरक्षण इकाई और दत्तकग्रहण संस्थान का आभार जताते हुए कहा कि वे हरीश को एक सुरक्षित, प्रेमपूर्ण और अवसरों से भरा जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने यह भी कहा कि हरीश उनके परिवार का अभिन्न हिस्सा होगा और वे उसे हर वह सुविधा देंगे. जिससे उसका सर्वांगीण विकास हो सके.
कई अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण अवसर पर वरीय उपसमाहर्ता विनीता कुमारी, ओएसडी आशीष रंजन, बाल संरक्षण पदाधिकारी विक्रमादित्य पाल तथा विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान के समन्वयक मिथिलेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे. सभी ने इस सफल दत्तकग्रहण को टीमवर्क और संवेदनशील प्रशासन का परिणाम बताया. रोहतास से टेक्सास तक की यह कहानी न केवल एक बच्चे को नया जीवन देने की मिसाल है. बल्कि यह भी दर्शाती है कि संवेदना, कानून और प्रशासन मिलकर किसी मासूम के भविष्य को संवार सकते हैं.
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