बांकीपुर से RJD ने मान ली हार! पार्टी के सीनियर लीडर का दावा- प्रशांत किशोर का पलड़ा भारी
Bankipur By-Poll: आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने उपचुनाव से तेजस्वी यादव के दूर रहने पर सवाल उठाया है. बीजेपी की ओर से प्रत्याशी के चयन पर भी पार्टी को घेरा है. पढ़िए पूरी खबर.

बांकीपुर उपचुनाव (Bankipur Bypoll) के नतीजों से पहले ही लग रहा कि आरजेडी ने हार मान ली है. आरजेडी ने रेखा गुप्ता को अपना प्रत्याशी बनाया है और वे क्षेत्र में घूम भी रही हैं इस बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने दावा किया है कि बांकीपुर में प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) का पलड़ा भारी लग रहा है. उनके इस दावे से सियासी खलबली मच गई है.
बीते मंगलवार (14 जुलाई, 2026) को शिवानंद तिवारी ने अपने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए यह दावा किया. शिवानंद तिवारी का कहना है कि बांकीपुर सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ रही है. यह भी धारणा रही है कि यहां कायस्थ मतदाताओं का प्रभाव सबसे अधिक है और लंबे समय से इसी सामाजिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवार चुनाव जीतते रहे हैं, लेकिन इस बार परिस्थितियां कुछ अलग नजर आ रही हैं. इस चुनाव में प्रशांत किशोर का पलड़ा मुझे भारी दिखाई दे रहा है.
शिवानंद तिवारी ने बताया इसका कारण
प्रशांत किशोर क्यों मजबूत हैं इसका भी जिक्र शिवानंद तिवारी ने फेसबुक पोस्ट में किया है. इसके पीछे पहला कारण उन्होंने महागठबंधन की स्थिति को बताया है. उनका कहना है कि आरजेडी ने फिर उसी महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, जो पिछला चुनाव हार चुकी थीं. बता दें कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी रेखा गुप्ता ही आरजेडी से लड़ी थीं.
तेजस्वी यादव पर किया हमला
शिवानंद तिवारी ने कहा कि इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि चुनाव के सबसे निर्णायक समय में महागठबंधन के प्रमुख नेता, विदेश प्रवास पर चले गए हैं. यहां उनका मतलब तेजस्वी यादव से था. आरजेडी नेता ने कहा कि जब किसी दल का शीर्ष नेतृत्व अपने उम्मीदवार के चुनाव प्रचार को प्राथमिकता नहीं दे रहा है तो उसका असर कार्यकर्ताओं के मनोबल और मतदाताओं के विश्वास पर पड़ना स्वाभाविक है. राजनीति केवल संगठन का ही नहीं, बल्कि मनोविज्ञान का भी खेल है.
यह भी पढ़ें- बांकीपुर में BJP ने झोंकी ताकत, स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी, नितिन नवीन सहित 40 नाम
प्रत्याशी के चयन पर बीजेपी को घेरा
दूसरी ओर शिवानंद तिवारी ने बीजेपी पर भी तंज कसा है. उनका कहना है कि भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवार चयन में जिस प्रकार का भ्रम और असमंजस दिखाया, उसने कई सवाल खड़े किए हैं. यह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा खाली की गई प्रतिष्ठित सीट है. पहले घोषित उम्मीदवार को हटाना पड़ा और फिर दूसरे उम्मीदवार को सामने लाया गया, उनको सुनने के बाद बीजेपी पर आश्चर्य होता है.
उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की सबसे बड़ी ताकत उनकी राजनीतिक रणनीति और चुनावी प्रबंधन का लंबा अनुभव है. उन्होंने कई राज्यों में चुनावी रणनीतिकार के रूप में सफल अभियान चलाए हैं. इसलिए यह मानना कठिन है कि उन्होंने बिना गहन अध्ययन और ठोस राजनीतिक गणना के बांकीपुर जैसी सीट से स्वयं चुनाव लड़ने का निर्णय लिया होगा. यह निश्चित रूप से एक बड़ा जोखिम है, क्योंकि अब तक बीजेपी यहां 50 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त करती रही है, लेकिन बड़े राजनीतिक परिवर्तन अक्सर ऐसे ही जोखिमों से शुरू होते हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि बीजेपी इस चुनाव को लेकर कुछ अधिक आत्मविश्वास में है.
यह भी पढ़ें- Veena Manvi News: वीणा मानवी का नामांकन क्यों रद्द हुआ? एक गलती और बांकीपुर से OUT!
























