पटना आंदोलन: छात्रों ने की 90% डोमिसाइल की मांग, बिहार बंद की चेतावनी
Patna Protest: पटना के गर्दनीबाग में छात्र धरना पर बैठे हैं. उनका कहा है कि जब तक सारी मांगें पूरी नहीं होंगी आंदोलन जारी रहेगा. आरोप लगाया कि TRE-1 से TRE-3 तक में धांधली हुई है.

दिल्ली और रांची के बाद अब छात्रों का गुस्सा पटना में देखने को मिल रहा है. गर्दनीबाग में छात्रों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार (20 अगस्त, 2026) को तीसरे दिन भी जारी रहा. छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो बिहार बंद बुलाएंगे. सभी मांगें जब तक पूरी नहीं होंगी आंदोलन जारी रहेगा. बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष दिलीप कुमार के नेतृत्व में आंदोलन चल रहा है.
एबीपी न्यूज़ से बातचीत में TRE-4 के अभ्यर्थियों ने अपनी मांग दोहराई और साथ ही गंभीर आरोप भी लगाए. कई छात्रों का कहना था कि TRE-1 से TRE-3 तक में धांधली हुई है. 50 हजार से अधिक फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति हुई है. सीबीआई जांच हो.
एक नजर में पहले मांग जानें
- TRE-4 में सिर्फ एक ही परीक्षा होनी चाहिए (PT और Mains होना है, छात्र चाहते हैं केवल पीटी हो. जो बदलाव करना है TRE-5 से हो)
- TRE-4 से निगेटिव मार्किंग को हटाया जाए
- TRE-4 में डोमिसाइल पॉलिसी को 90% तक लागू किया जाए (अभी 70-75 % है)
- TRE-4 में वन कैंडिडेट वन रिजल्ट नियम लागू हो
छात्रों ने कहा, "दूसरे राज्य के अभ्यर्थी यहां आकर नौकरी करें, यहां के लोग भी दूसरे राज्यों में नौकरी कर रहे, हमें दिक्कत नहीं, लेकिन राज्य के मूल निवासी को यहां सरकारी नौकरी में प्राथमिकता मिलनी चाहिए. इसलिए 90% तक डोमिसाइल नीति हो"
40% से ज्यादा बिहार के लोग बाहर कर रहे काम
धरनास्थल पर बैठे छात्रों की भले मांग है कि 85 से 90% डोमिसाइल नीति हो, लेकिन सवाल किया गया कि बिहार के भी लगभग 40% से ज्यादा लोग दूसरे राज्यों में काम कर रहे हैं. इस पर छात्रों ने कहा यह सरकार को देखना है. हमें बस सरकारी नौकरी में प्राथमिकता मिलनी चाहिए. छात्रों ने कहा सरकार यहां कल-कारखाने और रोजगार की व्यवस्था करे.
प्रमुख राज्यों में डोमिसाइल की स्थिति देखें
मध्य प्रदेश: सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरियों में स्थानीय निवासियों के लिए 100% पद आरक्षित किया है.
झारखंड: तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर स्थानीय और मूलवासियों के लिए 100% तक आरक्षण. हालांकि यह नीति समय-समय पर कानूनी संशोधनों के अधीन रही है.
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महाराष्ट्र: स्थानीय निवासियों के लिए ग्रुप सी और ग्रुप डी की नौकरियों में 80% से 90% तक आरक्षण का नियम है, जिसके लिए 15 साल के निरंतर निवास या डोमिसाइल प्रमाण पत्र की मांग की जाती है.
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: स्थानीय युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 70% से 85% तक का स्थानीय कोटा तय.
उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल: सरकारी नौकरियों के लिए किसी भी प्रकार की डोमिसाइल की बाध्यता नहीं है. अन्य राज्यों के योग्य उम्मीदवार भी यहां की सामान्य खुली भर्तियों में आवेदन कर सकते हैं.
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