बिहार में BCCA कार्रवाई पर HC सख्त, 2 लोगों को 1-1 लाख मुआवजा देने के निर्देश
पटना हाईकोर्ट ने BCCA के तहत नालंदा के दो लोगों को ‘असामाजिक तत्व’ घोषित करने और आवाजाही पर रोक का आदेश रद्द किया. राज्य सरकार को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया.

पटना हाईकोर्ट ने बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम (BCCA) के तहत दो लोगों को ‘असामाजिक तत्व’ घोषित कर उनकी आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंध को रद्द कर दिया. अदालत ने कहा कि नालंदा जिला प्रशासन ने उचित सत्यापन और पर्याप्त सामग्री के बिना कार्रवाई की थी. अदालत ने राज्य सरकार को दोनों याचिकाकर्ताओं को एक-एक लाख रुपये मुआवजा और मुकदमे के खर्च के तौर पर 10-10 हजार रुपये देने का निर्देश दिया. अदालत के 11 सितंबर के आदेश में प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया और सबूतों की जांच पर जोर दिया गया है.
मामला शशि कुमार उर्फ फुकन और अजय सिंह से जुड़ा है. याचिकाकर्ताओं ने नालंदा के एसपी की उस संस्तुति को चुनौती दी थी, जिसके आधार पर उन्हें BCCA के तहत ‘असामाजिक तत्व’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हुई. यह कार्रवाई 2025 के विधानसभा चुनाव और छठ पूजा के दौरान राजगीर के एसडीपीओ की रिपोर्ट के आधार पर शुरू होने की बात कही गई.
यह भी पढ़ें- PM मोदी के जन्मदिन पर पप्पू यादव ने शेयर किया ये VIDEO, '...विवश हूं'
आपराधिक मामलों में जमानत का भी दिया हवाला
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि उन्हें आपराधिक मामलों में झूठा फंसाया गया है और वे संबंधित मामलों में पहले से जमानत पर हैं. उनका कहना था कि केवल आपराधिक मामलों की मौजूदगी के आधार पर उनकी स्वतंत्र आवाजाही पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता.
प्रशासन के पास पर्याप्त सबूत नहीं
अदालत ने कार्रवाई के आधार और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की. कोर्ट ने माना कि किसी व्यक्ति की आवाजाही सीमित करने जैसी कार्रवाई के लिए प्रशासन को सबूतों के उचित सत्यापन और स्वतंत्र रूप से विचार करना जरूरी है. अदालत ने प्रक्रिया में खामियां पाए जाने पर संबंधित आदेशों को रद्द कर दिया.
राज्य सरकार को मुआवजा देने का निर्देश
हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाकर्ताओं को हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया. इसके अलावा मुकदमे के दौरान हुए खर्च के रूप में 10-10 हजार रुपये देने को कहा गया. अदालत के फैसले के बाद BCCA के तहत प्रशासनिक कार्रवाई में प्रक्रिया और सत्यापन के महत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
यह भी पढ़ें- बिहार पंचायत चुनाव 2026: मंत्री दीपक प्रकाश का बड़ा बयान, बोले- 'ट्रिपल टेस्ट...'





















