ज्ञानेश कुमार पर भड़के पप्पू यादव, बोले- 'लोकतंत्र, संविधान का संहार किया'
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने CEC ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक्स पर पोस्ट किया है. यह प्रतिक्रिया एसआईआर पर जारी हुई एक रिपोर्ट के बाद पूर्णिया सांसद ने दी है.

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है. बुधवार (23 सितंबर, 2026) को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर ज्ञानेश कुमार को पर लोकतंत्र और संविधान को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. पप्पू यादव ने सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ से पूरे मामले की जांच कराने और कार्रवाई की मांग भी की.
पप्पू यादव ने ज्ञानेश कुमार को दुश्मन बताते हुए एक्स पर लिखा, "...इसने देश के लोकतंत्र और संविधान का संहार किया है. देश के लोगों का नागरिक होने का सबसे बड़ा हक मताधिकार छीन लिया. वोट की डकैती की. इस पर देशद्रोह का मुकदमा होना चाहिए आग्रह है सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ इसकी जांच कर इसे दंडित करे!"
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पोस्ट पर आए अलग-अलग कमेंट
पप्पू यादव के पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी प्रतिक्रियाएं दीं. एक यूजर ने लिखा कि इस मामले में केवल ज्ञानेश कुमार ही नहीं, बल्कि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठना चाहिए. एक अन्य यूजर ने इससे भी कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए टिप्पणी की.
ज्ञानेश इस देश का सबसे बड़ा दुश्मन आतंकी है
— Rajesh Ranjan Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) September 23, 2026
इसने देश के लोकतंत्र और संविधान का संहार
किया है। देश के लोगों का नागरिक होने का सबसे
बड़ा हक मताधिकार छीन लिया। वोट की डकैती की
इस पर देशद्रोह का मुकदमा होना चाहिए
आग्रह है सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ
इसकी जांच कर इसे दंडित करे!
10 महीने में 14 आपत्तियों की रिपोर्ट
दरअसल, 'द इंडियन एक्सप्रेस' की 23 सितंबर की रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार चुनाव आयोग के कुछ कदमों और फैसलों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराईं. रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में नए मतदाताओं को जोड़ने, नाम हटाने, मतदाता अपील और चुनावी डेटा के प्रबंधन से जुड़े मुद्दे शामिल थे. दोनों आयुक्तों ने कुछ कदमों को 'अनधिकृत' और 'अवैध' बताया था.
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