70 लाख कैश, 48 घड़ियां, ADM रविंद्र कुमार के यहां छापे में मिला नोटों का ढेर
पटना के एडीएम (सप्लाई) रविंद्र कुमार दिवाकर और दानापुर डिस्ट्रिक्ट सब-रजिस्ट्रार पद पर तैनात उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी के ठिकानों पर तलाशी ली गई.

बिहार में विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने सोमवार (28 सितंबर) को बड़ी कार्रवाई की है. पटना के एडीएम (आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी के ठिकानों पर छापेमारी में नोटों का ढेर मिला है. कैश 70 लाख रुपये से ज्यादा है और 48 घड़ियां मिली हैं, जिनकी कीमत करीब 6 लाख रुपये है. विजिलेंस ब्यूरो ने ये छापेमारी की. रविंद्र कुमार की पत्नी कुमारी स्वीटी दानापुर में सब रजिस्ट्रार पद पर तैनात हैं.
विजिलेंस ब्यूरो ने ये कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में की है. नोट गिनने के लिए मशीन मंगवाई गई. लाखों के आभूषण भी मिले हैं. कई संपत्ति के कागजात बरामद किए गए हैं. पटना और बेगूसराय के ठिकानों पर छापेमारी में यह बरामदगी हुई. इस एक्शन से हड़कंप मच गया है.
कब कहां पदस्थ थे रविंद्र दिवाकर?
रविंद्र कुमार दिवाकर अक्टूबर 2025 से एडीएम (सप्लाई) पद पर सेवा दे रहे हैं. इससे पहले 2024 में एडीसी पटना, 2023 में एडीसी गया, 2020 में एसडीएम समस्तीपुर, 2018 में पीजीआरओ सहरसा, 2014 में एडीसी दरभंगा, 2010-11 एडीसी कटिहार, 2009 में सारण डीपीआरओ और 2000 में शिक्षक पद पर काबिज थे.
पटना में 70 लाख, बेगूसराय में 9 लाख कैश मिले
पटना में तलाशी के दौरान 70 लाख रुपये कैश तो वहीं बेगूसराय में 9 लाख रुपये कैश मिले हैं. रेड अभी भी चल रही है.
प्रारंभिक जांच में कितनी संपत्ति का पता चला?
प्रारंभिक जांच में रविंद्र कुमार दिवाकर की ज्ञात आय और संपत्ति के बीच करीब 1 करोड़ 6 लाख 85 हजार 900 रुपये की ऐसी संपत्ति का पता चला, जिसे उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक माना गया है. इसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी. प्राथमिकी दर्ज करने के बाद निगरानी ब्यूरो ने कोर्ट से तलाशी वारंट प्राप्त किया. सोमवार को अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने पटना और बेगूसराय स्थित परिसरों में एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया.
बढ़ सकता है जांच का दायरा
संपत्तियों से संबंधित कागजात की जांच के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनमें से कौन-कौन सी संपत्तियां आरोपी अधिकारी और उनके परिवार के ज्ञात आय के स्रोतों के अनुरूप हैं. कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद नकदी, आभूषण, चल-अचल संपत्ति और निवेश संबंधी दस्तावेजों का मूल्यांकन किया जाएगा. इसके बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में सामने आई कुल संपत्ति का विस्तृत आकलन किया जाएगा. निगरानी ब्यूरो की इस कार्रवाई के बाद मामले में आरोपी अधिकारी और उनकी पत्नी से जुड़ी संपत्तियों की जांच का दायरा बढ़ सकता है.
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