NEET छात्रा मौत केस: लंबे समय से नींद की दवा ले रही थी लड़की, SIT ने जांच में क्या कुछ पाया?
NEET Student Death Case: छात्रा ने 27 दिसंबर को जहानाबाद से एंटी डिप्रेशन की गोली का छह पत्ता लिया था. दवा का भुगतान ऑनलाइन किया था. इस वक्त साथ में उसके परिजन थे.

नीट छात्रा की मौत मामले में एसआईटी बुधवार (21 जनवरी, 2026) को जहानाबाद पहुंची थी. एसआईटी को जांच के दौरान एक अहम सुराग हाथ लगा है. जांच में सामने आया है कि छात्रा लंबे समय से नींद की दवा का सेवन कर रही थी. सूत्रों के अनुसार, 27 दिसंबर (2025) को छात्रा अपने माता-पिता के साथ चारपहिया वाहन से सड़क मार्ग के जरिए पटना से जहानाबाद आई थी. इस दौरान जहानाबाद में एक मेडिकल स्टोर से छात्रा ने अपने पिता की मौजूदगी में नींद की दवा खरीदी थी.
दवा लेते वक्त लड़की के साथ थे परिजन
दवा का भुगतान छात्रा ने ऑनलाइन किया था. उसने एंटी डिप्रेशन की गोली का छह पत्ता लिया था. सूत्रों के अनुसार, यह बात उसके परिजनों को भी पता है. एसआईटी उस दवा के बैच नंबर की मदद से जहानाबाद स्थित दवा दुकान तक पहुंच गई. जांच में इसे महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है. फिलहाल एसआईटी की टीम मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है.
क्या ओवरडोज लेने से कोमा में चली गई?
छात्रा की मौत कैसे हुई एक बड़ा सवाल बना हुआ है. सवाल यह भी उठता है कि क्या दवा का ओवरडोज लिया गया जिसके कारण कोमा में चली गई? वहीं पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सेकंड ओपिनियन के लिए पटना एम्स भेजा गया है. रिपोर्ट के आने का पुलिस को इंतजार है, जिसके बाद ही पूरे मामले में किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा.
हालांकि जांच में बात सामने आई है कि जिस डॉक्टर ने पीएमसीएच में पोस्टमार्टम किया था उनकी पिछली कई रिपोर्ट (पोस्टमार्टम की) विवादों में रही है. बता दें कि नीट छात्रा छह जनवरी को शंभू गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में बेहोश अवस्था में पाई गई थी. उस दिन उसको सबसे पहले सहज सर्जरी ले जाया गया था. वहां से उसी दिन उसको प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल रेफर किया गया था, जहां 3 दिन तक उसका इलाज चला था. हालत में सुधार नहीं होने पर मेदांता रेफर किया गया था. यहां 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई थी.
यह भी पढ़ें- नीट छात्रा की मौत मामले में कूदीं ब्रह्मेश्वर मुखिया की बहू, बिहार सरकार को दिया अल्टीमेटम
























