'बाबा बागेश्वर ने सच्चाई बताकर...', NEET पेपर लीक पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर RJD ने सरकार को घेरा
NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले पर बाबा बागेश्वर ने छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई. उनके बयान का हवाला देते हुए RJD ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा.

NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में बहस जारी है. इस बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के बयान को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से आम लोग नाराज हैं और छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है.
RJD प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा, "बाबा बागेश्वर ने नीट पेपर लीक मामले पर सच्चाई बताकर यह साफ कर दिया की सिस्टम से सभी लोग नाराज हैं. केंद्र सरकार के क्रियाकलाप से लोगों में आक्रोश है. सिस्टम में जो खामियां है, उसको दूर करने के बजाये सरकार पेपर लीक कराने वाले माफियाओं को बचाने के काम करती है. बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है."
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छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता
दरअसल, NEET पेपर लीक मामले को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है और ऐसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं. शास्त्री ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बेहद जरूरी है ताकि छात्रों का भरोसा बना रहे और मेहनती अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके.
पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की उठी मांग
बाबा बागेश्वर के इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं. RJD का कहना है कि जब समाज के विभिन्न वर्ग और धार्मिक-सामाजिक हस्तियां भी परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठा रही हैं, तब सरकार को मामले की गंभीरता को समझना चाहिए.
पार्टी ने मांग की कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.
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लाखों अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता
NEET पेपर लीक विवाद ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देते हैं और ऐसी घटनाएं उनके विश्वास को कमजोर करती हैं. ऐसे में सभी की नजर इस बात पर है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.
Source: IOCL























