MLC से इस्तीफा देने बाद भी अगले 6 महीने तक CM रह सकते हैं नीतीश कुमार, आखिर कैसे?
Nitish Kumar News: बिहार के सीएम नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा का चुनाव जीते थे. नियम के अनुसार 14 दिनों के भीतर यानी 30 मार्च तक MLC पद से उन्हें इस्तीफा देना होगा.

बिहार के सीएम नीतीश कुमार को 30 मार्च तक विधान परिषद के सदस्य के तौर पर इस्तीफा देना होगा. 10 अप्रैल से राज्यसभा सदस्य के तौर पर कार्यकाल शुरू होगाबतौर राज्यसभा सदस्य भी नीतीश कुमार सीएम रह सकते हैं. संविधान के मुताबिक, राज्य के किसी सदन का सदस्य नहीं रहे बिना भी कोई नेता छह महीने तक सीएम पद पर बना रह सकता है. छह महीने के भीतर उसे राज्य के किसी सदन का सदस्य बनना जरूरी है.
30 मार्च तक नीतीश कुमार को देना होगा इस्तीफा
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को मतदान हुआ था और उसके बाद उसी दिन नतीजे घोषित किए गए थे. नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा का चुनाव जीते थे. नियम के अनुसार 14 दिनों के भीतर यानी 30 मार्च तक MLC पद से इस्तीफा देना होगा. राज्यसभा की पांचों सीटों पर एनडीए के उम्मीदवारों की जीत मिली थी.
सीएम नीतीश और नितिन नवीन के इस्तीफे पर क्या बोले स्पीकर?
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा, ''संविधान में ये व्यवस्था बनी हुई है कि किसी भी माननीय सदस्य को निर्वाचन के 14 दिनों के अंदर इस्तीफा देना होता है. नीतीश कुमार और नितिन नवीन राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए हैं. नीतीश कुमार को अपने MLC पद से और नितिन नवीन को विधायक के पद से 30 मार्च तक इस्तीफा देना होगा. इतना विश्वास है कि समय सीमा के अंदर नीतीश कुमार इस्तीफा देंगे.''
उन्होंने आगे कहा, ''संविधान में प्रावधान है कि छह महीने तक कोई व्यक्ति बिना किसी सदन में निर्वाचन के भी बिहार का मुख्यमंत्री हो सकता है. यह संवैधानिक व्यवस्था है और छह महीने के बाद निश्चित तौर पर चुनाव में जाना होगा. उन्हें विधान परिषद या विधानसभा के लिए चुनाव में जीत हासिल करनी होगी.''
चाहें तो सितंबर तक CM रह सकते हैं नीतीश कुमार
इसका अर्थ ये है कि MLC पद से हटने के बाद भी नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री के तौर पर बने रहने में भी कोई तकनीकी समस्या नहीं है. नीतीश कुमार के पास सितंबर 2026 तक का समय है और चाहें तो उस वक्त तक सीएम की कुर्सी पर बने रह सकते हैं.
Source: IOCL



























