नीतीश कुमार को भारत रत्न की मांग पर खेसारी लाल यादव का रिएक्शन, दिया हैरान करने वाला बयान
Bihar Politics: बिहार में नीतीश कुमार के लिए 'भारत रत्न' की मांग पर नई बहस छिड़ी है. भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने इस मांग का समर्थन करते हुए नीतीश कुमार को 'गार्जियन' बताया.

बिहार की राजनीति में एक बार फिर 'भारत रत्न' को लेकर नई बहस छिड़ गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग के बीच भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने उनका खुलकर समर्थन किया है. वहीं, उन्होंने बीजेपी नेता दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' और पावर स्टार पवन सिंह पर भी जमकर हमला बोला.
जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 'भारत रत्न' देने की मांग का बिहार के कई हलकों में समर्थन हो रहा है. इस कड़ी में भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव ने कहा, "नीतीश चाचा हमारे गार्जियन हैं. अगर उन्हें भारत रत्न मिलता है, तो यह पूरे बिहार के लिए गौरव की बात होगी. भगवान करे उन्हें यह सम्मान मिले." हालांकि, इसी बीच आरजेडी की ओर से लालू प्रसाद यादव को भी यह सम्मान देने की मांग उठ रही है.
'वह डिसाइड नहीं करेंगे मेरी काबिलियत'
दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' द्वारा खेसारी को "बीजेपी के लायक नहीं" बताने वाले बयान पर खेसारी लाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "मैं बीजेपी के लायक हूँ या नहीं, यह निरहुआ तय नहीं कर सकते. वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं हैं. मुझे बीजेपी से कितने ऑफर आए हैं, यह मुझे पता है."
खेसारी लाल यादव का निरहुआ पर पलटवार
चुनाव के बाद बिहार से चले जाने के आरोप पर खेसारी ने निरहुआ पर पलटवार करते हुए कहा, "लोग कहते हैं मैं भाग गया. क्या छपरा में कोई फिल्म सिटी बनी है? मुझे दो रोटी कमाने के लिए मुंबई जाना पड़ता है क्योंकि मेरा सारा काम और परिवार वहीं है. अगर छपरा में फिल्म सिटी दे दो, तो मैं यहीं रहूँगा."
पवन सिंह और लालू परिवार पर बड़ा बयान
खेसारी लाल यादव ने पवन सिंह पर निशाना साधते हुए महिलाओं के सम्मान का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा, "पवन सिंह महिलाओं का सम्मान नहीं करते, फिर भी बीजेपी उन्हें गोद में बिठाए हुए है. यह उनकी जिंदगी है, मुझे लेना-देना नहीं है." वहीं, 'लैंड फॉर जॉब' मामले में लालू परिवार का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने गरीबों को आवाज दी है. "अगर लालू जी जैसा नेता नहीं होता, तो आज भी गरीब दबाव में जी रहे होते. जिस उम्र में वह हैं, उनके साथ ऐसा (कानूनी कार्रवाई) नहीं होना चाहिए."
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Source: IOCL























