कटिहार पुलिस लाइन में 12 दिन तक रहा फर्जी सिपाही, ऐसे खुला राज
कटिहार पुलिस लाइन में 10-12 दिनों तक फर्जी सिपाही बनकर रहने वाले दीपक कुमार को गिरफ्तार किया गया है. उसके पास से पुलिस वर्दी, फर्जी पहचान पत्र, मोबाइल और तस्वीरें मिली हैं.

बिहार के कटिहार में पुलिस व्यवस्था को चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवक करीब 10 से 12 दिनों तक पुलिस लाइन परिसर में फर्जी सिपाही बनकर रहता रहा. वह कभी खुद को भूतपूर्व सैनिक बताता था तो कभी डायल 112 का चालक. पुलिस लाइन जैसे संवेदनशील परिसर में उसकी मौजूदगी से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की पहचान दीपक कुमार के रूप में हुई है. वह सहरसा जिले का रहने वाला है.
पुलिस के मुताबिक, दीपक कुमार पिछले करीब 10 से 12 दिनों से पुलिस लाइन परिसर में रह रहा था. इस दौरान उसने अपनी पहचान छिपाकर रखी. वह अलग-अलग लोगों को खुद को कभी पूर्व सैनिक तो कभी डायल 112 का चालक बताता था. इसी बहाने उसने पुलिस लाइन में अपना ठिकाना बना लिया था. हालांकि, वह वहां किसके संपर्क से पहुंचा और उसे रहने की जगह कैसे मिली, इसकी जांच की जा रही है.
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4 नवंबर की रात मिली थी फर्जी सिपाही की सूचना
कटिहार सदर डीएसपी विशाल आनंद ने बताया कि 4 नवंबर की रात करीब आठ बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति पुलिस लाइन में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर रह रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले का सत्यापन शुरू किया. जांच में युवक की पहचान फर्जी सिपाही के रूप में हुई. इसके बाद सहायक थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
वर्दी, फर्जी पहचान पत्र और मोबाइल जब्त
तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से कई सामान मिले. इनमें एक सेट पुलिस वर्दी, एक जोड़ी जूते, फर्जी पहचान पत्र और एक मोबाइल फोन शामिल हैं. इसके अलावा पुलिस वर्दी में खिंचवाई गई उसकी दो तस्वीरें भी बरामद हुई हैं. पुलिस ने सभी सामान जब्त कर लिया है. इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस लाइन में किसकी मदद से मिला ठिकाना?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक फर्जी पुलिसकर्मी इतने दिनों तक पुलिस लाइन में कैसे रहा? उसे परिसर में प्रवेश किसने दिलाया? रहने की जगह किसने उपलब्ध कराई? क्या किसी पुलिसकर्मी ने उसकी मदद की थी? पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
डीएसपी विशाल आनंद ने बताया कि फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है. जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दीपक ने फर्जी पहचान बनाकर पुलिस लाइन में रहने के पीछे क्या मकसद रखा था.
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