कैमूर: 24 लेन का बनेगा मोहनिया टोल प्लाजा, अधिकारियों ने किया जमीन का किया निरीक्षण
मोहनिया टोल प्लाजा को 24 लेन बनाने का प्रस्ताव एनएचएआई की ओर से बिहार सरकार के समक्ष रखा गया था, जिसमें यह कहा गया था कि फिलहाल संचालित टोल प्लाजा के कम लेन का होने की वजह से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है.

कैमूर: जिले में रोजाना लग रहे जाम की समस्या से निजात पाने के लिए एनएचएआई मोहनिया में 24 लेन का टोल प्लाजा बनाएगी. ऐसे में टोल प्लाजा के लिए जमीन की उप्लब्धा के जांच लिए एनएचआई के अधिकारी मंगलवार को कैमूर पहुंचे. मिली जानकारी अनुसार जिले के मोहनिया टोल प्लाजा के डेवलपमेंट का निरीक्षण करने के लिए आरसीडी के विशेष आयुक्त देवेश सेहरा और परिवहन विभाग के कमिश्नर सहित जिले के दर्जनों पदाधिकारी पहुंचे थे.
दरअसल, मोहनिया टोल प्लाजा को 24 लेन बनाने का प्रस्ताव एनएचएआई की ओर से बिहार सरकार के समक्ष रखा गया था, जिसमें उनकी ओर से यह कहा गया था कि फिलहाल संचालित टोल प्लाजा के कम लेन का होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है. इसलिए परिवहन विभाग की ओर से चलाई जा रही समेकित चेक पोस्ट को टोल प्लाजा के लिए दे दिया जाए तो जाम की समस्या का निपटारा हो पाएगा. इसी क्रम में मंगलवार को आरसीडी के विशेष आयुक्त देवेश सेहरा और परिवहन विभाग ने एनएचआई और जिला प्रशासन के अधिकारियों से घंटों बात की और कई जगहों पर सरकारी जमीन का मुआयना किया.
निरीक्षण के बाद टीम सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी. इधर, निरीक्षण के लिए आए परिवहन विभाग के कमिश्नर, आरसीडीके विशेष आयुक्त के साथ-साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों की गाड़ियों को भी जिले में लगे जाम में कुछ देर के लिए हलकान होना पड़ा, जिसके बाद ज्यादा देर तक गाड़ियों को फंसता देख मोहनिया डीएसपी खुद सड़क पर उतर कर जाम हटवाने लगे.
आरसीडीके विशेष आयुक्त देवेश सेहरा ने बताया कि यह निरीक्षण एनएचआई के टोल प्लाजा डेवलपमेंट को लेकर के था. एनएचएआई के टोल प्लाजा का एक्सटेंशन करना है जिससे कि ट्रैफिक की प्रॉब्लम सॉल्व हो सके. एनएचआई की ओर से जो नया स्टील ब्रिज बनाया गया है, उसका भी निरीक्षण किया गया है. एनएचएआई का जो 24 लेन का टोल प्लाजा बनना है उससे ट्रैफिक को रेगुलेशन मिलेगा क्योंकि परिवहन विभाग का जो चेक पोस्ट है, उसमें ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, माइनिंग डिपार्टमेंट और एक्साइज डिपार्टमेंट सभी उधर हैं, इसलिए ज्वाइंट मीटिंग की गई थी. जॉइंट मीटिंग में इन सबसे इनपुट लिए गए हैं.
उन्होंने बताया कि सरकारी स्तर से इन सब का समाधान कराया जाएगा. इस मीटिंग में जिला प्रशासन से डीएम, एसपी, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, एक्साइज और माइनिंग के लोग थे. एक ग्रुप बना कर सबसे फीडबैक लिया गया. यह रिपोर्ट आज राज्य स्तर पर सबमिट करना है. इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करनी है.
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