बेटे संतोष सुमन को मांझी ने क्यों बनाया उत्तराधिकारी? कहा- 'सौतेली मां के बारे में तो जानते ही हैं...'
Jitan Ram Manjhi News: जीतन राम मांझी ने कहा कि संतोष सुमन जब 8 महीने का था, उसी समय उसकी मां का निधन हो गया था. जीतन राम मांझी गयाजी में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने अपने पुत्र व पूर्व मंत्री संतोष कुमार सुमन (Santosh Kumar Suman) को लेकर मंच से परवरिश के बारे में बड़ा खुलासा किया. बताया कि क्यों उन्होंने अपने बेटे को पार्टी का उत्तराधिकारी बनाया और मंत्री भी बनाया. शनिवार (25 अप्रैल, 2026) को केंद्रीय मंत्री और हम के संरक्षक जीतन राम मांझी गयाजी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने बयान दिया.
'जब संतोष आठ महीने का था तो...'
जीतन राम मांझी ने कहा, "मेरा भाई गोविंद इंस्पेक्टर था... पुलिस था, जिसने बेटे संतोष कुमार सुमन को डॉन बॉस्को स्कूल में पढ़ाया. उसी का दिया हुआ इसका (संतोष) जीवन है. जब संतोष सुमन आठ महीने का था तो उसी समय उसकी मां का निधन हो गया था. गोविंद की पत्नी का दूध पीकर ये (संतोष) जीया है..."
'सौतेली मां क्या-क्या करती है...'
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, "इसके (संतोष सुमन) लिए तो हम लोगों ने कुछ नहीं किया. जीवन तो उन्हीं (चाचा-चाची) लोगों ने दिया, लेकिन ये जरूर मेरे दिमाग में आया... आज सौतेले की बात होती है... सौतेली मां के बारे में तो जानते ही हैं कि क्या-क्या करती है... लेकिन हमने कंट्रोल किया कि नहीं... इसकी (संतोष) मां मर गई है तो उसी के लिए हम सबसे ज्यादा काम करेंगे. आज उत्तराधिकारी बना दिए... मंत्री बना दिए."
यह भी पढ़ें- धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- बच्चे 4 पैदा करो, एक RSS को दो, अब जीतन राम मांझी बोले- 'आदमी को…'
जीतन राम मांझी ने किसी कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक मंच से बेटे संतोष के परवरिश के बारे में पहली बार इस तरह का बयान मंच से दिया है. बता दें कि संतोष सुमन केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पहली पत्नी के पुत्र हैं. वे हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. जब संतोष कुमार सुमन की उम्र करीब 8 महीने थी तो उसी समय जीतन राम मांझी की पहली पत्नी का निधन हो गया था. इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की. थी.
यह भी पढ़ें- राघव चड्ढा सहित 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने पर JDU की पहली प्रतिक्रिया, 'जब नेतृत्व ही दागदार…'























