Bihar Election: 'आई लव मोहम्मद' विवाद पर सियासत जारी, बीजेपी-आरजेडी और कांग्रेस में वार पलटवार
Bihar Election 2025: बिहार चुनावी माहौल में जोगबनी विवाद गरमा गया. बीजेपी ने सौहार्द को विकास का मॉडल बताया, तो आरजेडी ने सांप्रदायिक राजनीति का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने मोहब्बत, भाईचारे की वकालत की.

बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सीमांचल का सियासी तापमान लगातार चढ़ता जा रहा है. अररिया के जोगबनी में हाल ही में हुए 'आई लव मोहम्मद' विवाद पर अब राजनीतिक दलों की बयानबाजी ने चुनावी रंग ले लिया है.
इस मसले पर बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा, आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी और कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौर आमने-सामने आ गए हैं, दोनों ही पार्टियां एक-दूसरे पर ध्रुवीकरण की राजनीति का आरोप लगा रही हैं.
बिहार में आपसी सौहार्द और भाईचारा है विकास का असली मॉडल- प्रभाकर मिश्रा
बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने शुक्रवार (27 सितंबर) को इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जोगबनी में हुई आगजनी और दुकानों में लूट की घटना गंभीर है और इस पर सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस मामले में एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. मिश्रा ने आगे कहा कि बिहार में आपसी सौहार्द और भाईचारा बना रहना चाहिए क्योंकि यही विकास का असली मॉडल है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल जानबूझकर धार्मिक मुद्दों को हवा दे रहे हैं ताकि चुनावी फायदे उठा सकें.
चुनाव के वक्त बीजेपी का एजेंडा है सिर्फ दो समुदाय को भिड़ाना- मृत्युंजय तिवारी
वहीं दूसरी तरफ आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने बीजेपी पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि हर चुनाव के वक्त बीजेपी का एजेंडा सिर्फ हिंदू-मुस्लिम कराना होता है. तिवारी ने लोगों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और शांति बनाए रखें. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी उत्तर प्रदेश की सांप्रदायिक राजनीति की आग को अब बिहार में फैलाना चाहती है. तिवारी ने कहा कि आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव रोजगार, सिंचाई और शिक्षा जैसे मुद्दों पर बात कर रहे हैं, जबकि बीजेपी केवल धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है.
'नफरत फैलाने वालों की देश में नहीं है कोई पूछ'
कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा कि भारत की असली ताकत मोहब्बत और भाईचारा है, न कि नफरत और हिंसा. उन्होंने साफ कहा कि जो लोग नफरत की बात करते हैं, उनकी कोई पूछ देश में नहीं है. बल्कि देश में वही लोग सम्मान पाते हैं जो मोहब्बत, एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं. साथ ही कहा कि आज पूरा भारत आई लव यू भारत, आई लव यू इंडिया, आई लव यू हिंदुस्तान कह रहा है और यही भावना देश में अमर शांति और स्थायी चैन की गारंटी है.
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सीमांचल क्षेत्र जहां मुस्लिम आबादी का अनुपात अधिक है, वहां इस तरह के विवादों और बयानों का सीधा असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है. बीजेपी जहां घुसपैठ और धार्मिक पहचान को मुद्दा बनाकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है, वहीं आरजेडी विकास और सामाजिक न्याय के मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी मैदान में उतर रही है.
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