बांकीपुर में BJP की हार पर गिरिराज सिंह का बड़ा बयान, 'बहुत खुश होने की जरूरत नहीं है'
Bankipur By Election 2026: गिरिराज सिंह का कहना है कि पहले भी बीजेपी उपचुनाव में की सीटें हारी है लेकिन असल विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से सरकार में भी आई है, इसलिए किसी को खुश होने की जरूरत नहीं.

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट, जो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई थी अब बीजेपी के पास नहीं रही. इस सीट पर जन सुराज के प्रशांत किशोर ने कब्जा कर लिया है. 30 साल से बीजेपी का गढ़ रही यह सीट जब अचानक पार्टी हार गई तो कई तरीके की चर्चाएं शुरू हो गईं. बीजेपी का किला ढहने, मजबूती कम होने और जनता की नाराजगी के कयासों के बीच अब गिरिराज सिंह का बड़ा बयान आया है. उनका कहना है कि जो लोग इस बात से खुश हो रहे हैं कि बीजेपी हार गई है, उन्हें बहुत खुश होने की जरूरत नहीं है.
17 साल पहले के सियासी आंकड़ों का हवाला देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, "जो परिणाम है उसको हम स्वीकारते हैं, लेकिन इससे किसी को बहुत खुश होने की जरूरत नहीं है. साल 2009 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA 17 सीटों पर उपचुनाव लड़े थे और 12 सीटें हार गए थे. फिर 2010 में 80 फीसदी स्ट्राइक रेट से बिहार जीता था."
#WATCH दिल्ली: उपचुनाव के नतीजों पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "हम परिणाम को स्वीकार करते हैं लेकिन इससे किसी को बहुत खुश होने की जरूरत नहीं है। 2009 में NDA नीतीश कुमार के नेतृत्व में 17 सीटों पर उपचुनाव लड़ी थी, 12 सीट हार गए थे और 2010 में 89% स्ट्राइक रेट से बिहार… pic.twitter.com/9T1whxT1Ae
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 4, 2026
बिहार में बदलती राजनीतिक प्राथमिकताएं
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा तेज कर दी है. करीब तीन दशक से बीजेपी का मजबूत किला मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत को राजनीतिक विश्लेषक महज चुनावी सफलता नहीं बल्कि राज्य की बदलती राजनीतिक प्राथमिकताओं का संकेत मान रहे हैं.
इस उपचुनाव में मुकाबला केवल बीजेपी, जन सुराज और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवारों के बीच नहीं था बल्कि इसे बीजेपी के पारंपरिक संगठनात्मक आधार, प्रशांत किशोर की नई राजनीतिक रणनीति और राजद के पारंपरिक मुस्लिम-यादव (एमवाई) समीकरण की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा था.
मतगणना के दौरान प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा पर लगातार बढ़त बनाए रखी, जबकि आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता अधिकांश दौर में तीसरे स्थान पर रहीं. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इन नतीजों का संदेश केवल बीजेपी तक सीमित नहीं बल्कि विपक्ष, खासकर राजद के लिए भी महत्वपूर्ण है.




















