'हथियार और बाउंसर वाले को नहीं छोड़ेंगे', ऐसा क्यों बोले पटना नगर निगम आयुक्त, क्या है मामला?
Patna Municipal Corporation: आयुक्त अनिमेष परासर ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है. मेयर के बेटे का नाम लिए बिना आयुक्त ने कहा कोई भी बंदूक और बॉउंसर से उन्हें नहीं डरा सकता है.

पटना के एक होटल में बीते शुक्रवार को पटना नगर निगम की नौंवी साधारण बैठक हुई, जो काफी हंगामेदार रही. उसमें महापौर और आयुक्त के बीच जमकर नोक झोंक भी हुई थी. अब उसको लेकर पटना नगर निगम के कमिश्नर अनिमेष पराशर ने संवाददाता सम्मेलन करके बताया कि कल के बैठके में हंगामा प्लानिंग के तहत किया गया था. इसमें बाउंसर को बुलाए गए थे हथियार भी थे, इसकी सीसीटीवी फुटेज हम लोग खंगाल रहे हैं और इसमें कार्रवाई होगी.
'असामाजिक तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा'
आयुक्त ने कहा कि किसी भी असामाजिक तत्व के लोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यह सरकारी बैठक थी. इस बैठक में अगर कोई हथियार के बल पर काम करवाना चाहेगा तो वह नहीं होगा यह गांधी जी का देश है. निगम आयुक्त ने कहा कि गलत चीजों की कोई जगह नही है. बैठक में बाहर से आर्म्स के साथ गुंडे आए थे. इसका हमलोगों ने सत्यापन किया है.
कुछ लोग बॉउंसर के साथ पहुंचे थे, आर्म्स लायसेंसी थे की नहीं ये चेक किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि निगम में सफाई अभियान चलता रहेगा कोई भी इसे नही रोक सकता है. हथियार और बॉउंसर से इसे नही रोक सकता है. बैठक से निकलने के सवाल पर निगम आयुक्त ने कहा गांधी जी के देश मे हथियार की कोई जगह नहीं है, इसलिए हम वहां से निकल गए.
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है, हम पूरी जांच करवा रहे हैं. मेयर के बेटे का बिना नाम लिए निगम आयुक्त ने कहा कोई भी बंदूक और बॉउंसर से उन्हें नहीं डरा सकता है. सरकारी बैठकों में आर्म्स और बॉउंसर को बर्दाशत नहीं किया जा सकता. म्युनिस्प्ल एक्ट के तहत करवाई की जाएगी. सभी लोग उसी के तहत चलेंगे.
दरअसल निगम परिषद की 9वीं साधारण बैठक महापौर और सशक्त स्थायी समिति की ओर से दोबारा उन तीन प्रस्तावों को पास कराने के लिए लाया गया, जिन पर नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से गठित समिति जांच कर रही है. इसके विरोध में नगर आयुक्त सहित कई पार्षद विरोध करने लगे. जिसके बाद मेयर सीता साहू ने कहा कि आप चुप रहिए, पार्किंग एजेंसी को देने सहित तीनों प्रस्ताव पास हुए, जवाब में नगर आयुक्त ने कहा कि हम गलत नहीं होने देंगे. जब एजेंडे में ही ऐसा प्रस्ताव नहीं है तो उसे पास नहीं किया जा सकता.
पार्षद व सशक्त स्थायी समिति के सदस्य आमने-सामने
बता दें कि यह बैठक पूर्व में 26 जून को भी बुलाई गई थी, लेकिन तीन प्रस्तावों को प्रोसीडिंग में लाने के प्रयास पर बैठक स्थगित कर दी गई थी. इन तीनों प्रस्तावों के अलावे अन्य प्रस्ताव को पास कराने की बात नगर आयुक्त बोल रहे थे, लेकिन बढ़ते विवाद को देख बैठक छोड़कर चले गए. बैठक शुरु होते ही सभी पार्षद व सशक्त स्थायी समिति के सदस्य आमने-सामने हो गए. यह गतिरोध लगभग 17 मिनट तक चला.
इस दौरान वार्ड 40 के पार्षद असफर अहमद ने आक्रोश में आकर अपना कुर्ता फाड़ दिया और नगर आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों के साथ बैठक का बहिष्कार कर दिया. मेयर के जरिए लाए गए प्रस्ताव को जल्दबाजी में पारित कराने के प्रयास का विरोध किया गया. इस दौरान नगर आयुक्त अनिमेष पराशर ने तीनों प्रस्तावों को लाना गैरकानूनी करार दिया. उन्होंने कहा कि म्युनिसिपल एक्ट की धारा 65, 66 व 67 के तहत चलिए.
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Source: IOCL






















