Nalanda News: नालंदा में युवक का पेड़ से लटका मिला शव, परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप, हंगामा और पथराव
Nalanda Crime: घटना के बाद पुलिस ने गांव के ही मनीष कुमार और विवेक कुमार को हिरासत में ले लिया. उसके बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस हिरासत में ही दोनों आरोपियों के साथ मारपीट कर दी.

नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र के लाखरावां गांव में रविवार को एक युवक का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. मृतक की पहचान लाखरावां निवासी विनोद प्रसाद के 24 वर्षीय पुत्र सोनू कुमार के रूप में हुई है, घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इंकार किया और गांव के ही चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया.
ग्रामीणों ने किया हंगामा और पथराव
आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा और पथराव कर दिया. मृतक के चाचा अनीश कुमार ने बताया कि दो दिन पहले गांव में दो पक्षों के बीच जमकर झगड़ा हुआ था, उसी दौरान सोनू के पक्ष ने थाने जाकर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही थी. आरोप है कि तभी दूसरे पक्ष के मनीष कुमार, विवेक कुमार, विकास कुमार, नीरज कुमार समेत कई लोगों ने उन्हें धमकी दी थी और मारपीट भी की थी.
परिजनों का कहना है कि रविवार को सोनू को पहले बेरहमी से पीटा गया और फिर हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया गया, ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके. गांव के लोगों ने बताया कि रविवार सुबह सोनू का शव पंचाने नदी के किनारे एक पीपल के पेड़ से लटका देखा गया है, इसके बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल फैल गई. मौके पर पहुंचे परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे.
परिजनों के आरोपों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गांव के ही मनीष कुमार और विवेक कुमार को हिरासत में ले लिया है, लेकिन गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस हिरासत में ही दोनों आरोपियों के साथ मारपीट कर दी. इतना ही नहीं आक्रोशित भीड़ ने मनीष कुमार के घर पर रोड़ेबाजी भी कू, जिससे दरवाजे और खिड़की के शीशे टूट गए. स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस ने किसी तरह दोनों आरोपियों को भीड़ से छुड़ाया और सुरक्षित तरीके से थाने ले गई.
दीपनगर थाना अध्यक्ष ने क्या कहा?
दीपनगर थाना अध्यक्ष जितेंद्र राम ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ स्थित मॉडल अस्पताल भेज दिया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके. उन्होंने कहा कि एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है, जो मौके से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन कर रही है.
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी. फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है. वहीं पूरे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस लगातार कैंप कर रही है.
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Source: IOCL





















