चिराग पासवान ने सीएम नीतीश कुमार से फोन पर की बात, सुशांत मामले में एक्शन लेने की लगाई गुहार
लंबे समय के बाद चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से फोन पर बातचीत की है. चिराग ने सुशांत आत्महत्या मामले में सीएम नीतीश कुमार से एक्शन लेने की गुहार लगाई है.

पटना: एलजेपी के अध्यक्ष और शेखपुरा सांसद चिराग पासवान ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से फोन पर बातचीत की. लंबे समय से दोनों के बीच चल रहे कोल्ड वॉर के मध्य चिराग ने आज लगभग 10 मिनट तक सीएम नीतीश कुमार से सुशांत आत्महत्या मामले के संबंध में बात की. चिराग ने मामले में CBI जांच कराने की मांग की. उन्होंने बताया, " एलजेपी की विधान पार्षद और सुशांत सिंह राजपूत की भाभी नूतन सिंह का कहना है, " कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले बिहार सरकार को सीबीआई जांच की सिफारिश कर देना चाहिए."
फोन पर बातचीत के बाद चिराग ने सीएम नीतीश को पत्र लिखकर भी मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की. चिराग ने पत्र में लिखा, " सुशांत सिंह राजपूत की दुखद मृत्यु को हुए लगभग 50 दिन होने वाला है और अभी तक उनकी मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है. सच्चाई सामने न आने के कारण बिहार में ही नहीं बल्कि देश और दुनिया में रह रहे उनके प्रशंसकों में निराशा और अत्यंत आक्रोश है."
चिराग ने लिखा, " उनके हर प्रशंसक की यह मांग है कि इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा कराई जानी चाहिए ताकि जल्द सच्चाई सामने आ सके. मालूम हो कि इस घटना के तुरन्त बाद 18 जून को भी मैंने पत्र लिखकर आपसे मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था. सुशात सिंह के परिवार से मेरा गहरा रिश्ता रहा है और मेरी पार्टी भी इस मांग को उठाती रही है कि इस घटना की जांच सीबीआई द्वारा की जानी चाहिए."
उन्होंने सीएम नीतीश को कहा, " इस घटना को घटे एक लम्बा समय पहले ही बीत चुका है. अब और देर करना उचित नहीं होगा. लोक जनशक्ति पार्टी की विधान पार्षद और सुशात सिंह राजपूत की भाभी और उनके चचेरे भाई नीरज कुमार बब्लु ने मुझे बताया कि 05 अगस्त 2020 को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को बिहार से महाराष्ट्र स्थानांतरण करने की याचिका पर सुनवाई होनी है. उनके अनुसार आज आपके पास मौका है कि बिहार में दर्ज एफ.आई.आर. के आधार पर इस घटना की जांच आप सीबीआई को सौंप सकते है क्योंकि आज इस मामले कि जांच महाराष्ट्र पुलिस के साथ-साथ बिहार पुलिस भी कर रही है. लेकिन अगर यह जांच पूरी तरह महाराष्ट्र सरकार के हवाले हो जाती है तो फिर इस मामले को सीबीआई को सौंपने का अधिकार बिहार सरकार के हाथ से निकल जाएगा.
उन्होंने लिखा, " बार-बार आपके द्वारा कहा जाता है कि अगर परिवार मांग करेगा तो इस केस को सीबीआई को सौंपा जा सकता है. लेकिन सुशांत सिंह राजपूत सिर्फ एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे बिहार का बेटा था. उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि 13 करोड़ बिहारवासी और करोड़ों देशवासी उन्हें अपना बेटा मानते थे. यही कारण है आज यह सब लोग सीबीआई जांच की मांग कर रहे है."
जिस तरह से इस घटना को लेकर महाराष्ट्र पुलिस और बिहार पुलिस में खींचातानी चल रही है, इससे पूरे देश में असंतोष है. ऐसे में उसको विराम देने के लिए तत्काल सीबीआई जांच का आदेश दें. वहीं जिस प्रकार इस मामले की जांच के लिए गए आईपीएस अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार हुआ उसकी शिकायत आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से करनी चाहिए. ताकि भविष्य में किसी बिहारी के साथ ऐसा दुर्व्यवहार ना हो."
Source: IOCL

























