BJP-JDU का विलय फाइनल? एक तस्वीर से बिहार में सियासी खलबली!
बीजेपी मुख्यालय में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई थी. इसमें जेडीयू के नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी मौजूद रहे. उन्होंने भी अपनी बात रखी. इसी को लेकर विपक्ष ने घेरा है.

बिहार में भारी बहुमत के साथ एनडीए की सरकार है. हालांकि नीतीश कुमार ने जब से सीएम पद छोड़ा है तब से विपक्षी दलों की ओर से यह दावा किया जाता रहा है कि जेडीयू का बीजेपी के साथ विलय हो जाएगा. इस बीच मंगलवार (13 अक्टूबर, 2026) को एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली जिससे बिहार में सियासी बवाल मच गया.
दरअसल, मंगलवार को बीजेपी मुख्यालय (दिल्ली) में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पीसी की. इसमें जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी थे. अब तस्वीर के सामने आने के बाद सियासत शुरू हो गई है. आरजेडी, कांग्रेस की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आई है.
(तस्वीर- बीजेपी की पीसी में शामिल हुए ललन सिंह)

आरजेडी का दावा- कभी भी हो सकती है घोषणा
आरजेडी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस वाली तस्वीर को लेकर एक्स पर लिखा है, "जदयू अब भाजपा में कभी भी विलय की घोषणा कर सकती है! समाजवाद को बेचते-बेचते सांप्रदायिकता की दुकान में सेल्समैन बन बैठे!"
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कांग्रेस बोली- खंड-खंड हो सकती है जेडीयू
उधर, बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि बीजेपी ने अपने गठबंधन सहयोगियों के दल में भी स्लीपर सेल बहाल किए हैं जो समय-समय पर कठपुतली की भूमिका निभाते हैं. मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार को जब साइड किया गया तभी मूल और समर्पित जेडीयू के कार्यकर्ताओं ने ही अपने दल के स्लीपर सेल को खुलेआम कर दिया था, लेकिन बीजेपी के आशीर्वाद से जेडीयू में वो बने हुए हैं. जनता दल यू कभी भी यूनाइटेड से खंड-खंड हो सकती है.
स्नेहाशीष ने कहा कि बीजेपी के द्वारा अपने ही सहयोगियों को हर प्रदेश में निगलने का पुराना इतिहास रहा है और यदि जेडीयू के साथ भी वो ये करेगी तो कोई आश्चर्य किसी को नहीं रहेगा. बीजेपी ने उपेंद्र कुशवाहा के दल में भी स्लीपर सेल की नियुक्ति की है और ये भी एमएलसी चुनाव में स्पष्ट हो चुका है. बीजेपी कभी भी क्षेत्रीय दलों को पनपने नहीं देना चाहती है और ये समय रहते क्षेत्रीय दलों और उनके कार्यकर्ताओं को समझ लेना चाहिए.
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