Bihar Politics: सुशील मोदी ने बताया सरकार इस वजह से नहीं दे रही है छपरा शराब कांड में मुआवजा, जो संवेदनहीन और गरीब-विरोधी है
Sushil Modi Statement: सुशील मोदी ने मुआवजे के मुद्दे पर नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पीड़ितों की मदद को प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनायें.

पटना: शराब के मुद्दे को लेकर बीजेपी से राज्यसभा सांसद सुशील मोदी (Sushil Modi) लगातार नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को घेर रहे हैं. कई सवाल भी उठा रहे हैं. इस मुद्दे पर वो काफी आक्रामक हैं. वहीं, एक बार फिर उन्होंने छपरा में जहरीली शराब से मौत (Chhapra Liquor Case) के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब बीजेपी (BJP) ने उत्पाद कानून की धारा-42 में मुआवजा देने के प्रावधान की बात सार्वजनिक की, तब सरकार ने इसे स्वीकार किया अब इस राशि की पहले जहरीली शराब बनाने-बेचने वालों से वसूली करने के नाम पर अड़ी हुई है. यह रवैया संवेदनहीन और गरीब-विरोधी है.
नीतीश सरकार पर साधा निशाना
सुशील मोदी ने कहा कि जहरीली शराब कांड के पीड़ितों को सरकार पहले मुआवजा दे , फिर इस राशि की वसूली की कार्रवाई करती रहे. नीतीश कुमार पीड़ितों की मदद को प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनायें. नीतीश सरकार ने ही गोपालगंज के खजूरबन्ना में जहरीली शराब से मरे 19 लोगों के आश्रितों को 'पहले मुआवजा, फिर वसूली' की नीति अपनायी थी. अब सारण के पीड़ितों के लिए यही नीति क्यों नहीं अपनायी जा सकती ?
लागू करने के तौर-तरीके की होनी चाहिए समीक्षा- सुशील मोदी
बीजेपी नेता ने कहा कि पहले तो सरकार साफ झूठ बोल रही थी कि जहरीली शराब से मृत्यु के मामले में मुआवजा देने का कोई प्रावधान ही नहीं है. मोटर वाहन कानून सहित कई मामलों में पहले पीड़ित को मुआवजा देने और बाद में दोषी व्यक्ति से वसूली का नियम है. भाजपा शराबबंदी कानून के पक्ष में है, लेकिन जहरीली शराब से मौत की घटनाओं को देखते हुए इस कानून को लागू करने के तौर-तरीके की समीक्षा चाहती है.
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