बिहार टेंडर घोटाले में हाईकोर्ट ने ED की कार्यशैली पर उठाए सवाल, लगाई फटकार
बिहार में करोड़ों रुपये के कथित टेंडर घोटाले की जांच के बीच के पटना हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने इस मामले में ईडी को फटकार भी लगाई है.

बिहार में करोड़ों रुपये के कथित टेंडर घोटाले की जांच के बीच अब अधिकारियों के संपर्क, मनचाही पोस्टिंग और जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. पटना हाईकोर्ट ने ईडी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब 6 बड़े IAS अधिकारियों के नाम सामने आए थे, तो बाकी अधिकारियों की भूमिका की जांच किस तरह की गई और उनके संबंध में क्या कार्रवाई हुई, इसका जिक्र क्यों नहीं है?
15 अक्टूबर को सरकारी टेंडरों में कथित हेराफेरी से संबंधित विशेष निगरानी इकाई यानी SVU थाना कांड संख्या 5/2025 दर्ज मामले पर पटना हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सतव्रत वर्मा की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता रिशु श्री की याचिका पर सुनवाई करते हो कहा कि "रिशुश्री तो सिर्फ एक मोहरा है, जबकि असली किंग पर्दे के पीछे है. एजेंसी कुछ लोगों को बचाने और कुछ को बचाने और कुछ लोंगो को फसाने प्रयास कर रही है."
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ED के दस्तावेज के मुताबिक, रिशु श्री के मोबाइल फोन में पूर्व मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव दीपक कुमार का नंबर ‘दीपक सर’ के नाम से सेव था. आरोप है कि IAS अधिकारी अभिलाषा शर्मा की मनचाही पोस्टिंग को लेकर भी रिशु श्री ने दीपक कुमार से मुलाकात की थी.
HC ने जांच और कार्रवाई में कथित अंतर पर उठाए सवाल
वहीं, हाईकोर्ट ने छह वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आने के बावजूद जांच और कार्रवाई में कथित अंतर पर सवाल उठाए हैं. अदालत ने यहां तक टिप्पणी की है कि रिशु श्री इस मामले में केवल एक मोहरा हो सकता है और असली सूत्रधार पर्दे के पीछे हो सकते हैं.अब सवाल यह है कि क्या सरकारी टेंडरों में कथित हेराफेरी का नेटवर्क सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित था या इसमें दूसरे प्रभावशाली अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जरूरी है?
हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को SVU के एडीजी को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है. साथ ही एडीजी को शपथ पत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करने को कहा कि बाकी अधिकारियों को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया है.
बता दें कि विशेष निगरानी इकाई की चर्टसिट में बताया गया था कि ED की रिपोर्ट में आईएएस आनंद किशोर, संजीव हंस के अलावा आईएएस नरेंद्र कुमार सिंह, संतोष कुमार मल्ल, सुनील कुमार यादव और धर्मेंद्र कुमार के नाम दर्ज है लेकिन SVU की पहली चर्टसिट में ही इन सभी का नाम को पूरी तरह गायब कर दिया है.
जून 2026 में सामने आया था टेंडर घोटाला
गौरतलब है कि जून 2026 में टेंडर घोटाला मामला आया था जिसमें मुख्य आरोपी रिशु श्री, रिशु श्री का करीबी सहयोगी संतोष कुमार,भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारणी दास,वित्त विभाग में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी मुमुक्षु चौधरी, नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह की गिरफ्तारी हुई है और सभी पटना के बेउर जेल में बंद है.
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