Bihar Politics: 'मूत्र नहीं तो क्या बोलेंगे?', तेजस्वी यादव बोले- हर बार उन्हें माफी मांगनी पड़ती है
Tejashwi Yadav: "हम ऐसे सूत्र" को मूत्र समझते हैं. अपने इस बयान पर तेजस्वी यादव आज भी कायम हैं. तेजस्वी यादव ने अपने मूत्र वाले बयान पर फिर प्रतिक्रिया दी है.

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण पर बोलते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की रविवार को जुबान फिसल गई थी. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों के नाम दर्ज हैं. इसके क्या सबूत हैं. सूत्र के हवाले से कैसे इतनी बड़ी बात कही जा सकती है. "हम ऐसे सूत्र" को मूत्र समझते हैं. अपने इस बयान पर वो आज भी कायम हैं. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपने सूत्र वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
अपने बयान को तेजस्वी ने ठहराया सही
पटना में सोमवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, "...हर बार उन्हें खंडन जारी करना पड़ता है और माफी मांगनी पड़ती है. 'इसलिए, 'सूत्र' को 'मूत्र' नहीं बोलेंगे तो क्या बोलेंगे...?" उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा और कहा कि ये लोग कभी शिक्षा, बेरोजगारी, पलायन की बात नहीं करते. इनके एक बाबा मूत्र पीने की बात करते हैं, तो क्या उससे शुद्धि होगी.
दरअसल चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज होने की आशंका है. ये बात चुनाव आयोग ने सूत्रों के हवाले से कही थी. इसी के जवाब में तेजस्वी ने कहा था कि "क्या चुनाव आयोग की तरफ से कोई प्रेस नोट आया है? क्या कोई दस्तावेज जारी किया गया है? ये खबर कहां से आई है?" सूत्र ऐसा कह रहे हैं. ये वही सूत्र हैं जिन्होंने पाकिस्तान पर कब्जा किया था.
चुनाव आयोग पर क्या बोले थे तेजस्वी?
तेजस्वी यादव ने ये भी कहा था कि चुनाव आयोग खुद आगे आने के बजाए, सूत्रों के हवाले से खबरें चला रहा हैं. ये वही सूत्र हैं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लाहौर, कराची और इस्लामाबाद पर कब्ज़ा किया था. हम ऐसे सूत्रों को मूत्र के समान समझते हैं, जिनसे दुर्गंध फैलती है." इस बयान को लेकर पूरे देश में एनडीए के नेताओं ने सख्त निंदा की है.
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