तेजस्वी यादव की सुरक्षा घटी… राजनीति बढ़ी, RJD का सरकार पर हमला, BJP-JDU ने क्या कहा?
Tejashwi Yadav Security: तेजस्वी की सुरक्षा वाई प्लस कर दी गई है. जेडीयू के मंत्री जमा खान का कहना है कि विपक्ष के लोग भी हमारे अपने हैं. बीजेपी का कहना है कि यह राजनीतिक नहीं प्रशासनिक प्रक्रिया है.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा Z से Y+ श्रेणी कर दी गई है. इसको लेकर सियासत शुरू हो गई है. आरजेडी के नेता इसे बदले की राजनीति बता रहे हैं. शुक्रवार (23 जनवरी, 2026) को बीजेपी पर हमला करते हुए पार्टी के प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि आप अपने प्रदेश अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ा रहे हैं, अपने इधर-उधर के नेता की सुरक्षा बढ़ा रहे हैं, क्या विपक्ष का काम सत्ता पक्ष को आईना दिखाना नहीं है क्या? हम विपक्ष हैं दुश्मन नहीं हैं. यही तो लोकतंत्र की खूबसूरती है.
शक्ति यादव के बयान के बाद उधर जेडीयू की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है. तेजस्वी यादव की सुरक्षा घटाने को लेकर जेडीयू कोटे के मंत्री जमा खान से सवाल किया गया तो इस पर उन्होंने कहा कि ये एनडीए सरकार नहीं करती है. मैं सिर्फ जानता हूं कि मैं जिस नेता के नेतृत्व में काम करता हूं मेरे आदर्श हैं, नीतीश कुमार के पदचिह्नों पर चलने का काम करता हूं.
'जो भी विपक्ष के लोग हैं वो भी हमारे अपने'
जमा खान ने कहा, "मैं इतना जरूर कहूंगा कि जो भी विपक्ष के लोग हैं वो भी हमारे अपने हैं. काम की बात करें. फालतू बात करते हैं, फालतू किसी पर आलोचना करते हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए. आज जो हमें प्रचंड बहुमत मिला वो नीतीश कुमार के कारण मिला है. न जाति के नाम पर न धर्म के नाम पर… हमारे नेता ने पूरे बिहार को दिखाया कि कैसे काम किया जाता है."
जमा खान ने कहा, "विपक्ष के साथियों से मैं बराबर कहता हूं कि काम करने का तौर-तरीका, रहने का तौर-तरीका, हमारे नेता (नीतीश कुमार) से लोग सीखें. आपने देखा होगा कि जब सदन चल रहा था तो वो (तेजस्वी यादव) लोग गायब हो गए थे. ऐसे नहीं होता है. अगर के कुछ ही लोगों ने आप पर विश्वास किया तो सदन में रहना चाहिए. जो काम अधूरा है बताना चाहिए. हमारे नेता (नीतीश कुमार) बराबर कहते हैं कि जो अधूरा कार्य हैं आप बताएं हम पूरा करेंगे."
उधर बीजेपी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि यह राजनीतिक नहीं प्रशासनिक प्रक्रिया है. खुफिया एजेंसियों ने रिपोर्ट की. जिन पर खतरा ज्यादा है उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई. यह राजनीति का विषय नहीं है.
Source: IOCL


























