Bihar News: ओवरलोडिंग पर सख्ती का असर! 96 खनन योद्धाओं को इनाम, गुप्त रहेगा नाम, डिप्टी CM का बड़ा दावा
Bihar News In Hindi: बिहार में अवैध खनन पर सख्ती के बीच 96 खनन योद्धाओं को प्रोत्साहन राशि दी गई है. सरकार का दावा है कि कार्रवाई के चलते बड़ी गाड़ियों की ओवरलोडिंग पर काफी हद तक रोक लगी है.

बिहार के डिप्टी सीएम व खनन एवं भूविज्ञान मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अवैध खनन पर जानकारी देते हुए बताया कि सूचना देने वाले 24 बिहारी योद्धाओं को राशि स्थानांतरित कर खनन योद्धाओं को प्रोत्साहन राशि भेजी गई है. इससे पहले 12 मार्च को 72 खनन योद्धाओं की राशि भेजी गई थी.
उन्होंने कहा कि पुरस्कार लेने वाले ये सभी वे लोग हैं जो गुप्त रूप से बताते हैं कि ओवरलोडेड गाड़ियां जा रही हैं. 12 मार्च को और आज भी सभी खनन योद्धाओं को ₹5000 पुरस्कार दिया गया है. जो तय है कि बड़ी गाड़ियों पर ₹10000 और छोटी गाड़ियों पर ₹5000 दिए जाएंगे.
इस राशि से यह शुभ संकेत मिल रहा है कि बड़ी गाड़ियां ओवरलोड करना बंद कर दी गई हैं. छोटी गाड़ियां अभी भी ओवरलोड लेकर जाती हैं, जिन्हें पकड़ा जाता है और बिहार खनन योद्धाओं को पुरस्कृत किया जा रहा है. अगर कहीं-कहीं ओवरलोडिंग चल भी रही है तो हम पुरस्कार देने के लिए तैयार हैं.
पुरस्कृत लोगों के नाम नहीं होगा सार्वजनिक
उन्होंने कहा कि हम पुरस्कृत लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं करते हैं, क्योंकि उनके साथ माफिया कोई दुर्व्यवहार न करें. उनकी सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है. भोजपुर जिले में वित्त विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा राशि खनन विभाग ने अर्जित की है. वहीं लगभग 10 जिले अपने लक्ष्य से राशि प्राप्त कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 24*7 ध्यान दिया जा रहा है और कोई भी इनपुट आए तो उस पर त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देश दे दिए गए हैं.
इस मार्च महीने के अंत में ₹500 करोड़ आने की संभावना है. ₹3252 करोड़ राजस्व विभाग ने प्राप्त कर लिया है. सभी को जोड़ दें तो 2025-26 में करीब ₹3850 करोड़ खान एवं भूतत्व विभाग ने राजस्व प्राप्त किया है. उन्होंने कहा कि यह तब हुआ जब 78 घाट सरेंडर कर दिए गए. पिछली बार 2024-25 में ₹3500 करोड़ खनन विभाग को राजस्व प्राप्त हुआ था, इस बार ₹350 करोड़ ज्यादा है, वह भी 78 घाट सरेंडर के बाद.
घाट को सरेंडर करने वालों को चेतावनी
विजय सिन्हा ने कहा कि जो भी लोग घाट सरेंडर किए हैं और ऊंची बोली लगाकर घाट छोड़ रहे हैं, उनको प्रबंधित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को हम चेतावनी देना चाहते हैं कि जिन्होंने घाट को सरेंडर किया, उनके षड्यंत्र से उन्हें लाभ नहीं मिलेगा. अगर रेट कम भी होते हैं तो नए लोगों को उसमें लाभ मिलेगा. पुरानी किसी भी कंपनी या उसके पार्टनर इसमें अब भाग नहीं ले पाएंगे.
वहीं कमांड एंड कंट्रोल केंद्र को लेकर उन्होंने कहा कि कई जिलों में 24 घंटे नजर रखी जाएगी. अगर कोई परेशान करता है तो इसकी शिकायत विभागीय सचिव से करें. गोपालगंज की घटना पर उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर, खनन पदाधिकारी एवं थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई होगी, क्योंकि अकेले खनन पदाधिकारी या इंस्पेक्टर जिम्मेदार नहीं हो सकता, जिम्मेदारी सभी की संयुक्त रूप से होगी.
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