बिहार में होली पर गाइडलाइन जारी, बिना लाइसेंस नहीं निकलेगा जुलूस, अश्लील गाना और DJ पर रोक
Holi Guidelines: जिला और अनुमंडल स्तर पर वज्र वाहन, वाटर कैनन, लाठी पुलिसबल के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है. किसी तरह के आपत्तिजनक पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई को कहा गया है.

चार मार्च को होली है और शांतिपूर्ण माहौल में सबकुछ संपन्न हो इसको लेकर बिहार में पुलिस मुख्यालय की ओर से गाइडलाइन जारी हो गई है. इस बार जिला मुख्यालय के अलावा अनुमंडल स्तर पर भी अधिक से अधिक संख्या में क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) बनाकर तैनात किया जा रहा है.
इसके साथ ही जिन जिलों या स्थानों पर पिछले वर्ष होली के मौके पर किसी तरह की घटना (दंगा-फसाद वाली) हुई है, उन स्थानों पर इस वर्ष खासतौर से चौकसी बरतते हुए क्यूआरटी की विशेष तैनाती की जाएगी. यह जानकारी एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने सोमवार (02 मार्च, 2026) को दी. वे पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे.
निर्देश दिया कि होली के दिन किसी तरह की हुड़दंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी. एडीजी ने कहा कि होली के मौके पर अरवल, नवादा, गया जैसे जिलों में झूमटा जुलूस निकालने की परंपरा है. इन जिलों में अतिरिक्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. बिना लाइसेंस कोई जुलूस नहीं निकाला जाएगा.
उन्होंने कहा कि सभी थानों को जुलूस के रूट का भौतिक सत्यापन करने के बाद ही लाइसेंस जारी करने के लिए कहा गया है. पिछले वर्ष गया में 142, नवादा में 81 और अरवल में 12 झूमटा जुलूसों को लाइसेंस दिए गए थे.
अश्लील गाना और डीजे पर पूरी तरह रोक
पंकज दराद ने कहा कि रमजान चल रहा है. ऐसे में होलिका दहन के लिए उपर्युक्त स्थान का चयन करने के साथ ही रंग-अबीर खेलने को लेकर भी ऐतिहात बरतने के निर्देश दिए गए हैं. किसी स्थान पर तेज आवाज में डीजे बजाने खासकर अश्लील गाना बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है.
एडीजी ने कहा कि जिला और अनुमंडल स्तर पर वज्र वाहन, वाटर कैनन और लाठी पुलिसबल के साथ ही पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है. सभी जिलों को सोशल मीडिया पर खासतौर से चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं. किसी तरह के आपत्तिजनक पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा गया है.
पिछले वर्ष होली में हुई थी 50 घटनाएं
पंकज दराद ने बताया कि पिछले वर्ष होली के दौरान 50 घटनाएं घटी थीं. इसमें सबसे ज्यादा रोहतास में 12, नवादा में 7, पटना में 6, मुंगेर में 2, सीतामढ़ी में 2 समेत अन्य जिलों में घटनाएं हुई थीं. इसके मद्देनजर इन स्थानों पर खासतौर से चौकसी बरतने के लिए इस बार कहा गया है. सभी जिलों के कंट्रोल रूम को चौबीस घंटे अलर्ट करते हुए इसे सीधा पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है.
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Source: IOCL




























