बिहार शिक्षा विभाग में 1.85 करोड़ का खेल! HRMS ऑडिट में बड़ा खुलासा
बिहार के शिक्षा विभाग में HRMS के जरिए करीब 1.85 करोड़ रुपये के कथित अनियमित भुगतान सामने आए हैं. सरकार ने सभी 38 जिलों में ऑडिट शुरू कराया है.

बिहार के शिक्षा विभाग में ऑनलाइन वेतन भुगतान से जुड़ी बड़ी अनियमितताओं का मामला सामने आया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग के मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) के आंतरिक ऑडिट में वेतन बढ़ाकर देने, पोर्टल पर अनधिकृत तरीके से पहुंच बनाने और फर्जी शिक्षकों के नाम पर भुगतान करने के आरोप मिले हैं.
नवादा, पटना और भागलपुर के तीन मामलों में करीब 1.85 करोड़ रुपये के कथित अनियमित भुगतान का पता चला है. इन मामलों में पुलिस जांच और विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है. कम से कम चार अधिकारियों को निलंबित किए जाने की खबर है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि राज्य के सभी 38 जिलों में ऑडिट कराया जा रहा है. इसे नवंबर के मध्य तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
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नवादा में शिक्षक के खाते में बढ़ाकर भेजी गई सैलरी
नवादा में रजौली के बेलाडीह स्थित एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक के वेतन रिकॉर्ड में कथित हेरफेर का मामला सामने आया. जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर 13 अक्टूबर 2026 को नवादा टाउन थाने में FIR दर्ज की गई. इसमें शिक्षक, पोर्टल पर डेटा दर्ज करने वाले मेकर क्लर्क और जांच करने वाले चेकर हेड क्लर्क का नाम शामिल है.
FIR के अनुसार, अप्रैल 2025 में शिक्षक का स्वीकृत वेतन 46,772 रुपये था, लेकिन खाते में 4,91,772 रुपये भेजे गए. आरोप है कि इसमें अनधिकृत भत्ते जोड़े गए थे. मई में भी 46,772 रुपये के स्वीकृत वेतन के बदले 3,49,500 रुपये का भुगतान किया गया. इसके अलावा समग्र शिक्षा फंड से 2.86 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने का भी आरोप है. FIR में कुल 10,43,950 रुपये के अनधिकृत भुगतान का दावा किया गया है.
पटना में 76.71 लाख की गड़बड़ी का आरोप
पटना में गुलजारबाग स्थित FNS अकादमी के क्लर्क विजय कुमार विद्यार्थी को 14 अक्टूबर को निलंबित किया गया. उन पर 76,71,983 रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी का आरोप है. निलंबन आदेश के अनुसार, उन्होंने HRMS पोर्टल पर अनधिकृत प्रविष्टियां करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी की मेकर लॉगिन आईडी का इस्तेमाल किया. विभागीय जांच और आरोप-पत्र की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है.
भागलपुर में फर्जी शिक्षकों के नाम पर भुगतान
भागलपुर में दो अलग-अलग मामलों में HRMS के जरिए कथित अनधिकृत भुगतान की जांच हो रही है. एक मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि चंदन चौधरी के खिलाफ 8 अक्टूबर को जोगसर थाने में केस दर्ज हुआ. आरोप एक फर्जी शिक्षक के नाम पर भुगतान से जुड़ा है. अगले दिन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया.
दूसरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी को निलंबित किया गया. उन पर तनुश्री नाम की कथित फर्जी शिक्षिका को कई महीनों तक 98,12,773 रुपये का भुगतान कराने का आरोप है. इस मामले में भी 8 अक्टूबर को केस दर्ज किया गया था.
सभी 38 जिलों में ऑडिट करा रही सरकार
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि HRMS में गड़बड़ी रोकने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है. उन्होंने अधिकारियों को नवंबर के मध्य तक आंतरिक ऑडिट पूरा करने का निर्देश दिया है. मंत्री ने भ्रष्टाचार में शामिल शिक्षकों और अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही है. इन मामलों ने वेतन रिकॉर्ड, पोर्टल लॉगिन और ऑनलाइन भुगतान की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. फिलहाल, सभी आरोपों की जांच अभी जारी है.
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