बिहार का सबसे अमीर जिला पटना, सबसे गरीब कौन? आर्थिक सर्वेक्षण में 38 जिलों की रैंकिंग जारी
Bihar Economic Survey 2025-26: सर्वेक्षण में बताया गया कि राज्य की औसत प्रति व्यक्ति आय 76,490 रुपये है, जबकि पटना की प्रति व्यक्ति आय 1,31,332 रुपये दर्ज की गई है.

बिहार का सबसे समृद्ध जिला पटना है जबकि सबसे गरीब जिला शिवहर है. बिहार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में यह जानकारी सामने आई है. सर्वेक्षण के मुताबिक, अमीरी के मामले में पटना के बाद दूसरे स्थान पर बेगूसराय और तीसरे स्थान पर मुंगेर जिला है. वहीं गरीबी के मामले में शिवहर के बाद अररिया दूसरे और सीतामढ़ी तीसरे स्थान पर है.
सर्वेक्षण में बताया गया कि राज्य की औसत प्रति व्यक्ति आय 76,490 रुपये है, जबकि पटना की प्रति व्यक्ति आय 1,31,332 रुपये दर्ज की गई है. वहीं बेगूसराय में प्रति व्यक्ति आय 61,566 रुपये और मुंगेर में 54,469 रुपये है.
प्रति व्यक्ति आय के आधार सबसे अमीर 3 जिले कौन-कौन?
सर्वेक्षण में प्रति व्यक्ति आय के आधार पर राज्य के सभी 38 जिलों की रैंकिंग जारी की गई है. सर्वेक्षण के मुताबिक, बिहार के तीन सबसे समृद्ध जिले पटना (1,31,332 रुपये), बेगूसराय (61,566 रुपये) और मुंगेर (54,469 रुपये) हैं, जहां प्रति व्यक्ति आय राज्य में सबसे अधिक है. दूसरी ओर, सबसे गरीब जिलों में शिवहर (18,980 रुपये), अररिया (19,795 रुपये) और सीतामढ़ी (21,448 रुपये) शामिल हैं.
पेट्रोल की खपत के मामले में कौन-कौन जिले आगे
आर्थिक सर्वेक्षण में सामने आया कि पटना की प्रति व्यक्ति आय राज्य के सबसे गरीब जिले शिवहर की तुलना में लगभग छह गुना से भी अधिक है. जिलों की संपन्नता का आकलन पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की खपत के साथ-साथ प्रति व्यक्ति लघु बचत के आधार पर किया गया है. सर्वेक्षण के मुताबिक, पेट्रोल की खपत के मामले में पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं. वहीं डीजल की खपत में पटना, शेखपुरा और औरंगाबाद शीर्ष स्थान पर हैं.
सबसे कम पेट्रोल खपत वाले जिले
सर्वेक्षण में बताया गया कि सबसे कम पेट्रोल की खपत वाले जिलों में लखीसराय, बांका और शिवहर शामिल हैं जबकि डीजल की सबसे कम खपत शिवहर, सीवान और कैमूर में दर्ज की गई है. वहीं एलपीजी की खपत के मामले में पटना, बेगूसराय और गोपालगंज सबसे आगे हैं, जबकि अररिया, बांका और मधेपुरा में खपत सबसे कम पाई गई. आर्थिक सर्वेक्षण के ये आंकड़े बिहार के भीतर विकास की असमानताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं.
























