बिहार में जहरीला पानी हड्डियां को कर रहा कमजोर, फ्लोराइड युक्त पानी पीने से दांत हो रहे पीले
Bodh Gaya News: इंदौर के बाद अब बोध गया में भी पानी से जुड़ी समस्या सामने आ रही है. गौर बीघा में फ्लोराइड युक्त पानी पीने से हलात बेकार होते जा रहे है, गांव के लोगों दांत पीला और काला पड़ रहा है.

बिहार में बोध गया प्रखंड के गौर बीघा जहां पिछले कई वर्षों से यहां के ग्रामीण फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर है. जिससे ग्रामीणों का दांत पीला और काला हो रहा है. हड्डियों में भी परेशानी के साथ साथ मानसिक विकार उत्पन्न हो रहा है. वर्ष 2023 में स्वास्थ्य विभाग ने पानी की गुणवत्ता की जांच की जिसमें पानी में 70 से 80 प्रतिशत फ्लोराइड की पुष्टि हुई. आनन फानन में सरकार ने पीएचईडी विभाग को फ्लोराइड रिमूवल संयंत्र लगाने का निर्देश दिया.
ग्रामीणों में एक आस जगी कि अब पीने को शुद्ध जल मिलेगा लेकिन पीएचईडी विभाग के अधिकारियों ने वैसे जगह पर फ्लोराइड रिमूवल संयंत्र का वाटर टावर लगाया जहां भूमिगत जल बहुत कम था.संयंत्र के शुभारंभ होने के पहले हीं वह फेल हो गया.जिसके बाद से वह शोभा की वस्तु बनी है.और संयंत्र पर मकड़ी के जाले पड़े है.
बच्चे शारीरिक विकास से वंचित
ग्रामीण रामदीप कुमार यादव ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम हरकत में आई और उसके बाद से हर महीने एक दिन मेडिकल टीम गांव में आकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांच करती है. फ्लोराइड युक्त पानी पीने से युवाओं के दांत पीला और काला हो रहा है. बच्चों का शारीरिक विकास अवरुद्ध होने के साथ-साथ 40 से 50 वर्ष की उम्र के लोगों में कमर दर्द की शिकायतें आ रही है.
कई स्थानों से शिकायत
गया सिविल सर्जन डॉ राजाराम प्रसाद ने बताया कि जिले के कई स्थानों पर फ्लोराइड युक्त पानी मिली है. वैसे प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम लगातार निगरानी कर रही है. बताया कि आमस प्रखंड के भूपनगर,नगर प्रखंड के जुरावन नगर,बोधगया के गौर बीघा, बांकेबाजार के खरार और भोक्तरी गांव में भी पानी में फ्लोराइड की शिकायत है. पानी में फ्लोराइड की मात्रा बढ़ने से दांत पीला और ज्यादा बढ़ने से हड्डियां विकृत यानी विकलांगता की श्रेणी में आ जाएगा यहां तक अपंगता तक की समस्याएं हो जाती है.
फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में विकलांगता आने पर विकलांग सर्टिफिकेट बनावाया गया. दांत पीला होने की शिकायत पर मेडिकल टीम के द्वारा जांच करवाई जा रही है. फ्लोराइड युक्त पानी का ट्रीटमेंट के लिए पीएचईडी का है इसके लिए पत्र भी भेजा गया है. स्वास्थ्य विभाग के द्वारा फ्लोराइड से प्रभावित लोगों का इलाज किया जाता है और गांव में मेडिकल टीम भेजकर जांच कराया जाता है.
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Source: IOCL






















