एक्सप्लोरर

Bihar Elections 2025: क्या शकील अहमद बचा पाएंगे कांग्रेस का किला? किसे चुनेगी कदवा की जनता

Kadwa Seat: कदवा विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास भी काफी दिलचस्प है. इसकी स्थापना 1951 में हुई थी, लेकिन 1962 के बाद परिसीमन के चलते इसे हटा दिया गया. 1977 में यह सीट फिर से अस्तित्व में आई.

बिहार के कटिहार जिले की कदवा विधानसभा चर्चित सीटों में से एक है. यह सीट ना सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही है, बल्कि अपने सामाजिक-सांस्कृतिक और भौगोलिक परिदृश्य के कारण भी लगातार सुर्खियों में रही है. कदवा की राजनीति अक्सर बदलते समीकरणों के साथ आगे बढ़ी है.

2005 में जेडीयू और 2010 में बीजेपी ने जीत दर्ज की थी

वर्ष 2000 में यहां आरजेडी, 2005 में जेडीयू और 2010 में बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. इसके बाद 2015 और 2020 में कांग्रेस के शकील अहमद खान ने लगातार दो बार जीत हासिल कर कांग्रेस को यहां मजबूत स्थिति में पहुंचाया. अगर इस बार एंटी इनकंबेंसी फैक्टर प्रभावी नहीं हुआ, तो कांग्रेस फिर से यहां अच्छी स्थिति में रह सकती है, हालांकि मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है.

कदवा विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास भी काफी दिलचस्प है. इसकी स्थापना 1951 में हुई थी, लेकिन 1962 के बाद परिसीमन के चलते इसे हटा दिया गया. करीब 15 वर्षों के अंतराल के बाद 1977 में यह सीट फिर से अस्तित्व में आई. इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी राजनीतिक रुख तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है.

महानंदा और बरंडी नदियों के जलोढ़ मैदानों में बसे इस क्षेत्र में हर साल बाढ़ का संकट गहराता है. यहां की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है, जिसमें धान, मक्का, जूट और केले की खेती होती है. यहां की पहचान मखाना और मछली उत्पादन से भी है, लेकिन बार-बार की बाढ़ ने लोगों की आजीविका पर असर डाला है.

जातीय समीकरणों की बात करें तो यह इलाका पूरी तरह से विविधता से भरा है. यहां अति पिछड़ा वर्ग की आबादी लगभग 30 फीसदी है, जबकि मुस्लिम मतदाता 32 फीसदी के करीब हैं. इसके अलावा ओबीसी 17 फीसदी, अनुसूचित जाति 9 फीसदी, अनुसूचित जनजाति 5 फीसदी और सामान्य वर्ग केवल 5 फीसदी है.

2020 विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के अनुसार कदवा में कुल 2,81,355 मतदाता थे, जिसमें से सिर्फ 60.31 प्रतिशत ने मतदान किया, जो कि हाल के वर्षों में सबसे कम मतदान प्रतिशत था. मुस्लिम बहुल इलाका होने के बावजूद, धार्मिक आधार पर मतदान का सीधा असर नहीं दिखा है, अब तक यहां से 6 हिंदू और 8 मुस्लिम विधायक चुने जा चुके हैं. 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के शकील अहमद खान को 71 हजार वोट मिले थे, जबकि जदयू को 38 हजार और एलजेपी को 31 हजार वोट मिले थे.

 2020 में एलजेपी की मौजूदगी ने जेडीयू के वोट काटे

एलजेपी की मौजूदगी ने जेडीयू के वोट काटे और यह कांग्रेस के लिए फायदेमंद रहा, अगर एलजेपी मैदान में नहीं होती, तो जदयू और कांग्रेस के बीच मुकाबला कहीं अधिक नजदीकी होता. 2025 में यह देखना रोचक होगा कि क्या जदयू फिर से उम्मीदवार उतारेगी या भाजपा सीट पर दावेदारी करेगी और क्या एलजेपी दोबारा तीसरा कोण बनेगी या गठबंधन की राजनीति में कोई बड़ा फेरबदल होगा.

अब सवाल यह है कि जनता का रुख इस बार किस ओर होगा? कांग्रेस के शकील अहमद खान ने पिछले दो कार्यकाल में ऐसा क्या किया है कि जनता एक बार फिर उन्हें मौका देगी? एनडीए की ओर से अगर किसी लोकप्रिय और स्थानीय मुद्दों से जुड़े चेहरे को उतारता है, तो यह मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है.

ये भी पढ़ें: Muzaffarpur: गैस एजेंसी में घुसे तीन हथियारबंद बदमाश, संचालक अभिनव को मारी गोली, इलाके में दहशत

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर ललन सिंह बोले, 'सदन किसी की मर्जी...'
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर ललन सिंह बोले, 'सदन को बाधित करना विपक्ष की मंशा'
Bihar News: 'हमारी सहानुभूति को कमजोरी न समझें', राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल पर विजय सिन्हा की चेतावनी
बिहार: 'हमारी सहानुभूति को कमजोरी न समझें', राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल पर विजय सिन्हा की चेतावनी
नीतीश कुमार का जिक्र कर राजेश राम का बड़ा बयान, 'कांग्रेस को कोई आश्चर्य नहीं...'
'BJP ने नीतीश कुमार को डिजिटल अरेस्ट कर लिया', कांग्रेस नेता राजेश राम ने साधा निशाना
निशांत कुमार बनेंगे डिप्टी CM? नीतीश कुमार के करीबी विजय कुमार चौधरी ने साफ की तस्वीर
निशांत कुमार बनेंगे डिप्टी CM? नीतीश कुमार के करीबी विजय कुमार चौधरी ने साफ की तस्वीर

वीडियोज

Bollywood News: ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन ने ईशा अंबानी के साथ डांस किया, जिसका वीडियो वायरल हो गया
Rakesh Bedi ने ‘Dhurandhar: The Revenge’ और जमील जमाली के किरदार पर की खास बात
Man Atisundar:😮Raadhya को भगाने का 'dark' game, क्या अंधेरे से हार जाएगा Pratham का प्यार?
Khamenei की मौत के बाद Mojtaba के Supreme Leader बनने का खुला राज! | Iran-Israel War
Mojtaba Khamenei: तेल के खेल में फंसने वाली है जनता ! | Israel Iran War Updates

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'तीसरी वर्ल्ड वॉर शुरू हो चुकी है', मिडिल ईस्ट के हालात पर PAK एक्सपर्ट का दावा- रूस के पास होगा गल्फ देशों का तेल और पुतिन...
'तीसरी वर्ल्ड वॉर शुरू हो चुकी है', मिडिल ईस्ट के हालात पर PAK एक्सपर्ट का दावा- रूस के पास होगा गल्फ देशों का तेल और पुतिन...
लखनऊ: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का राजधानी में बड़ा कार्यक्रम, असली-नकली संतों की होगी पहचान
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का राजधानी में बड़ा कार्यक्रम, असली-नकली संतों की होगी पहचान
दिल्ली से मैनचेस्टर के लिए उड़ा था इंडिगो का विमान, 7 घंटे के सफर के बाद लिया यू-टर्न, जानें क्या है कारण
दिल्ली से मैनचेस्टर के लिए उड़ा था इंडिगो का विमान, 7 घंटे के सफर के बाद लिया यू-टर्न, जानें कारण
रणदीप हुड्डा की पत्नी ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, लिन लैशराम ने फ्लॉन्ट किया बेबी बंप, रोमांटिक हुए एक्टर
रणदीप हुड्डा की पत्नी ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, लिन लैशराम ने फ्लॉन्ट किया बेबी बंप, रोमांटिक हुए एक्टर
एमएस धोनी की पोस्ट पर आया गौतम गंभीर का जवाब, टी20 वर्ल्ड जीतने पर दी थी बधाई; फैंस ने पकड़ा सिर
धोनी की पोस्ट पर आया गौतम गंभीर का जवाब, टी20 वर्ल्ड जीतने पर दी थी बधाई
क्या IAS से ज्यादा होती है IFS की सैलरी? जानें किसे क्या मिलती हैं सुविधाएं
क्या IAS से ज्यादा होती है IFS की सैलरी? जानें किसे क्या मिलती हैं सुविधाएं
महिलाओं के खाते में सबसे ज्यादा पैसे कौन सी सरकार भेजती है, किस राज्य की है सबसे तगड़ी स्कीम
महिलाओं के खाते में सबसे ज्यादा पैसे कौन सी सरकार भेजती है, किस राज्य की है सबसे तगड़ी स्कीम
'मिडिल ईस्ट में जंग से भारत को होगा नुकसान', राहुल गांधी की चेतावनी, US ट्रेड डील पर सरकार को घेरा
'मिडिल ईस्ट में जंग से भारत को होगा नुकसान', राहुल की चेतावनी, US ट्रेड डील पर सरकार को घेरा
Embed widget