बिहार चुनाव 2025: मतगणना को लेकर कैसी है तैयारी? यहां पढ़ें पूरी डिटेल
Bihar Election Result 2025: बिहार चुनाव की काउंटिंग 243 रिटर्निंग अधिकारियों की देखरेख में, उनके साथ तैनात पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में और उम्मीदवारों और उनके एजेंटों की मौजूदगी में कराई जाएगी.

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सभी की निगाहें हैं. अगले पांच साल प्रदेश में किसकी सत्ता होगी ये शुक्रवार (14 नवंबर) को पता चल जाएगा. बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए छह और 11 नवंबर को दो चरणों में हुए चुनाव में 67.13 प्रतिशत का ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया. चुनाव की काउंटिंग के लिए बिहार के 38 जिलों में स्थित 46 केंद्रों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं.
काउंटिंग की व्यवस्था पूरी
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मतगणना की व्यवस्था के मद्देनजर शुक्रवार को पटना के सभी स्कूल बंद रहेंगे. निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा, "243 विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना की पूरी व्यवस्था कर दी गई है. मतगणना 243 रिटर्निंग अधिकारियों की देखरेख में, उनके साथ तैनात 243 पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में और उम्मीदवारों और उनके एजेंटों की मौजूदगी में कराई जाएगी."
18000 से ज्यादा एजेंट करेंगे निगरानी
उन्होंने आगे कहा, "कुल 4,372 मतगणना टेबल लगाए गए हैं, प्रत्येक पर एक सुपरवाइजर, एक गणना सहायक और एक सूक्ष्म पर्यवेक्षक तैनात रहेगा. उम्मीदवारों द्वारा नियुक्त 18,000 से अधिक गणना एजेंट भी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे."
मतगणना शुक्रवार सुबह आठ बजे शुरू होगी. बयान में कहा गया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, सबसे पहले डाक मतपत्रों की गणना शुरू होगी, जबकि ईवीएम की गिनती सुबह 8.30 बजे आरंभ की जाएगी.
CRPF की 106 कंपनियों की ड्यूटी
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और बिहार पुलिस के पर्याप्त जवानों की तैनाती पूरे राज्य में की गई है, ताकि मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके." उन्होंने बताया कि राज्य के बाहर से भेजी गई 106 कंपनियां भी सुरक्षा ड्यूटी में लगाई गई हैं.
VVPAT स्ट्रॉन्ग रूम में सील
एक चुनाव अधिकारी ने कहा कि मतदान में उपयोग किए गए ईवीएम और वीवीपैट को दोहरी लॉक व्यवस्था वाले स्ट्रांग रूम में सील कर सुरक्षित रखा गया है. उन्होंने कहा, "मतगणना केंद्रों पर दो-स्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित की गई है. अंदरूनी सुरक्षा घेरा सीएपीएफ के हवाले है, जबकि बाहरी परिधि की सुरक्षा राज्य पुलिस के जिम्मे है. इसके अलावा 24×7 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और अन्य सुरक्षा उपाय भी लागू किए गए हैं."
Source: IOCL

























