बांकीपुर उपचुनाव: BJP से कौन होगा प्रत्याशी? रेस में ये 3 बड़े चेहरे, नितिन नवीन लेंगे फैसला!
Bankipur By-Election 2026: सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि बीजेपी के पास बांकीपुर सीट को लेकर कई विकल्प मौजूद हैं. तीन नामों की चर्चा है जिसे मौका पार्टी दे सकती है.

2026 में तीन राज्यों में उपचुनाव होने वाले हैं जिसमें बिहार से बांकीपुर सीट है. 30 जुलाई को उपचुनाव के लिए मतदान होगा तो वहीं 3 अगस्त को मतों की गिनती की जाएगी. उपचुनाव के लिए बांकीपुर सीट हॉट केक बन गया है. इस सीट पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कभी विधायक हुआ करते थे. उनके राज्यसभा जाने के बाद ही यह सीट खाली हुई है. यह इलाका बीजेपी का गढ़ माना जाता है और ऐसे में इस सीट पर जब उपचुनाव हो रहा हो तो सबसे बड़ा सवाल एक ही है कि प्रत्याशी कौन होगा?
सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि बीजेपी के पास इस सीट पर कई विकल्प मौजूद हैं. तीन नामों की चर्चा है जिसे मौका पार्टी दे सकती है. सबसे पहला नाम जो उम्मीदवार के तौर पर चर्चा का विषय बना है वह बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक का है.
कायस्थ जाति से आते हैं अजय आलोक
अजय आलोक जाति से कायस्थ हैं और बांकीपुर सीट कायस्थ बहुल वोट के लिए जानी जाती है. पिछले कुछ सालों में अजय आलोक ने प्रखर तरीके से बीजेपी के झंडे को बुलंद किया है. वहीं बिना लाइमलाइट में रहे उन्होंने पार्टी और संगठन द्वारा दिए गए कार्यों को बखूबी पूरा भी किया है. अजय आलोक की पहचान एक सफल डॉक्टर के तौर पर भी रही है. ऐसे में अजय आलोक को बीजेपी अपना उम्मीदवार बना सकती है.
दूसरे नंबर पर अजीत लाली की चर्चा
वहीं दूसरे प्रबल दावेदार अजीत कुमार लाली हैं. वे पटना नगर के प्रदेश महामंत्री हैं. लगभग तीन दशक से भारतीय जनता पार्टी में वे सक्रिय हैं. अजीत कुमार लाली को नितिन नवीन का करीबी भी माना जाता है. लोगों में उनकी काफी अच्छी पकड़ है.
बताया जाता है कि अजीत कुमार लाली नितिन नवीन के कार्यों को क्षेत्र में देखा करते थे. वे अगर उम्मीदवार होते हैं तो इस सीट पर बीजेपी लोगों को चौंका सकती है क्योंकि अजीत कुमार लाली वैश्य समाज से आते हैं.
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नील रतन घोष को भी मिल सकता है मौका
तीसरे प्रबल चेहरे के तौर पर नील रतन घोष का नाम सामने आ रहा है. नील रतन घोष बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पिता स्वर्गीय नवीन किशोर सिन्हा के बेहद करीबियों में से एक रहे हैं. नील रतन घोष बंगाल के रहने वाले हैं. जाति से वह बंगाली कायस्थ हैं.
नील रतन घोष की सक्रियता भी लगभग तीन दशक से पार्टी और संगठन में रही है. नील रतन घोष के बारे में कहा जाता है कि नितिन नवीन के राजनीतिक फैसले और उनके कार्यों में उनकी मौजूदगी हमेशा दिखी है. ऐसे में अगर नील रतन घोष को मौका बीजेपी देती है तो इसमें कोई चौंकने वाला बात नहीं होगी.
हालांकि बीजेपी सूत्रों की मानें तो यह स्पष्ट है कि नितिन नवीन का ही फैसला बांकीपुर सीट के लिए अंतिम फैसला होगा. इसको लेकर जो मंथन का दौर है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नितिन नवीन के बीच जारी है.
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