पहले अंतरराष्ट्रीय शतक को जडेजा ने माना खास, किया मां को समर्पित
वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन रविन्द्र जडेजा ने शतक लगाया जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक है

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगभग एक दशक बिताने के बाद स्पिन ऑलराउंडर रविन्द्र जडेजा(132 गेंद में 100 रन) ने अपना पहला शतक लगाया. वेस्टइंडीज के खिलाफ राजकोट में खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन जडेजा ने नाबाद शतकीय पारी खेली जिसके कारण भारत की पारी 9 विकेट पर 649 तक पहुंची.
जडेजा ने इंग्लैंड के खिलाफ 86 और 90 रन बनाए लेकिन वह पिछले 37 टेस्ट और 140 वनडे में कभी तिहरे अंक तक नहीं पहुंच पाए थे. उन्होंने आखिरकार अपने घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की और इस पारी को अपनी स्वर्गीय मां को समर्पित किया.
अपनी शतकीय पारी के बाद जडेजा ने कहा कि 90 रन के पार पहुंचने के बाद शांतचित बने रहने से वह यह उपलब्धि हासिल कर पाए.
This one's for you mom - @imjadeja #INDvWI pic.twitter.com/cKhwUlJlhU
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जब उन्होंने शतक पूरा किया तब उनके साथ 11वें नंबर के बल्लेबाज मोहम्मद शमी खेल रहे थे लेकिन उन्होंने खुद पर अतिरिक्त दबाव नहीं बनने दिया.
जडेजा ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह विशेष है क्योंकि पहले मैं 80 और 90 के पार पहुंचने के बाद आउट हो जाता था. आज मैं चिंतित नहीं था और किसी तरह का ढीला शॉट नहीं खेलना चाहता था. मैं उमेश और शमी से बात करता रहा और खुद से कहा कि शतक पूरा होने तक मुझे खेलते रहना है.’’
शतक पूरा करने के बाद उन्होंने हमेशा की तरह तलवार की तरह बल्ला हिलाकर इसका जश्न मनाया.
पिछले एक महीने में जडेजा ने इंग्लैंड में खेले गए एकमात्र टेस्ट(पांचवां और अंतिम) में अच्छा प्रदर्शन किया और वनडे में भी वापसी की. उन्होंने अपने प्रदर्शन पर संतोष जताया.
जडेजा ने कहा, ‘‘जब आप नियमित तौर पर नहीं खेल रहे होते हो तो दबाव रहता है. आप प्रत्येक मौके का फायदा उठाना चाहते हैं. मैंने इंग्लैंड में भी यही सोचा था. एशिया कप में मेरी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों अच्छी रही.’’
FIFTY!@imjadeja celebrates his 10th Test 50 in his unique way 🕺🕺
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उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रत्येक मैच में अपने खेल को बेहतर करने की कोशिश करता हूं. मैं 2018 में ज्यादा मैचों में नहीं खेला, इसलिए मौका मिलने पर अच्छा प्रदर्शन करना मेरे लिये जरूरी था.’’
जडेजा से पूछा गया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दस साल बिताने के बावजूद उन्हें खुद को साबित करने की जरूरत क्यों पड़ रही है, उन्होंने कहा, ‘‘अच्छा है कि आप जानते हो कि मैं दस साल से खेल रहा हूं. मैंने कुछ अच्छा किया होगा तभी मैं इतने लंबे समय से खेल रहा हूं. मुझे पता नहीं कि आपने इस पर ध्यान दिया कि पिछले सीजन में हमने जो 13 टेस्ट भारत में खेले थे उनमें मैंने अच्छा प्रदर्शन किया था.’’










