वर्ल्ड कप के हीरो और अब टीम से बाहर, संजू सैमसन क्यों पिछड़े, समझिए वैभव सूर्यवंशी फैक्टर
टी20 विश्व कप में अहम भूमिका निभाने वाले संजू सैमसन को जिम्बाब्वे सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं मिली. खराब फॉर्म, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और टीम की नई सोच ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

कुछ महीने पहले तक संजू सैमसन टीम इंडिया की जीत के बड़े चेहरों में गिने जा रहे थे. अब तस्वीर बदल चुकी है. जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए उनका नाम टीम में नहीं है. इस फैसले ने यह चर्चा तेज कर दी है कि आखिर चयनकर्ताओं ने ऐसा क्यों किया और आगे उनके करियर की राह कितनी मुश्किल हो सकती है.
विश्व कप के हीरो से बेंच तक का सफर
टी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन ने भारत के लिए कई अहम पारियां खेलीं. बड़े मुकाबलों में उनका प्रदर्शन टीम की जीत में महत्वपूर्ण रहा. इसी वजह से उन्हें टूर्नामेंट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में माना गया.
लेकिन विश्व कप के कुछ ही समय बाद हालात बदल गए. इंग्लैंड दौरे पर वह टीम का हिस्सा तो हैं, लेकिन दूसरे टी20 में उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली. इससे साफ है कि टीम प्रबंधन नए विकल्पों पर भी भरोसा दिखा रहा है.
पहला कारण- फॉर्म ने बढ़ाई मुश्किल
विश्व कप के बाद आयरलैंड दौरे पर संजू अपने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके. उन्हें अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन वह उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए.
इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में भी उनका बल्ला उम्मीद के मुताबिक नहीं चला. लगातार साधारण प्रदर्शन का असर चयन पर पड़ना स्वाभाविक माना जाता है.
दूसरा कारण- टीम में बढ़ी प्रतिस्पर्धा
भारतीय टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज और टॉप ऑर्डर की जगह के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है. कई युवा खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.
इंग्लैंड दौरे के दूसरे टी20 में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला. इससे यह संकेत भी मिला कि टीम भविष्य के विकल्पों पर लगातार काम कर रही है.
तीसरा कारण- बदलती टीम रणनीति
जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन का चयन नहीं होना सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है. आमतौर पर ऐसी सीरीज में अनुभवी खिलाड़ियों को लय हासिल करने का मौका मिलता है, लेकिन इस बार चयनकर्ताओं ने दूसरे खिलाड़ियों पर भरोसा जताया.
इससे यह भी माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन आने वाले टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए नए खिलाड़ियों को ज्यादा अवसर देना चाहता है.
क्या करियर पर सच में खतरा है
फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि संजू सैमसन का अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो गया है. उन्होंने पहले भी मुश्किल हालात से वापसी की है और बड़ी पारियां खेलकर खुद को साबित किया है.
हालांकि अब उनके सामने चुनौती पहले से बड़ी है. अगर आगे मिलने वाले मौकों का वह पूरा फायदा उठाते हैं तो टीम में वापसी कर सकते हैं. लेकिन अगर लंबे समय तक टीम से बाहर रहे तो उनकी राह और कठिन हो सकती है.
भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं ज्यादा बढ़ चुकी है. एक या दो खराब सीरीज किसी भी खिलाड़ी की जगह खतरे में डाल सकती हैं. अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि अगला मौका मिलने पर संजू सैमसन अपने बल्ले से कितना मजबूत जवाब देते हैं.
















