'मेरा पिता का काम अपमान नहीं है...', मोहम्मद सिराज ने बताया लोग उन्हें ताना मारते थे जब वो...
Mohammed Siraj: इंग्लैंड दौरे (IND vs ENG Test Series) पर टीम इंडिया के साथ गए मोहम्मद सिराज ने बताया कि लोग उन्हें ताना मारते थे. लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि मेरे पिता का काम अपमान वाला नहीं है.

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है, उन्हें क्रिकेट देखने वाला देश विदेश का हर शख्स जानता है. अभी वो इंग्लैंड में टीम इंडिया के साथ अभ्यास कर रहे हैं, जो 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी. इस बीच सिराज ने बताया कि जब उनका मैच अच्छा नहीं होता था तो लोग उन्हें ताना मारते थे और बोलते थे कि जाओ अपने पिता की तरह ऑटो चलाओ. उन्होंने कहा कि मेरे पिता का काम अपमान वाला नहीं है.
मोहम्मद सिराज ने अपने पिता और परिवार के साथ फोटो शेयर करते हुए लिखा, "मैं हर आभार व्यक्त करता हूं कि मुझे देश के लिए खेलने का मौका मिला. किसने सोचा था कि एक ऑटो ड्राइवर का बेटा भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलेगा? हर बार जब कोई बच्चा आता है और कहता है कि वह भी भारत के लिए खेलेगा, तो मैं गर्व से मुस्कुराता हूं. लेकिन ऐसे लोग भी हैं जो इसे अपमान समझते हैं और जब मेरा कोई मैच अच्छा नहीं जाता तो बोलते हैं कि जाओ अपने पिता की तरह ऑटो चलाओ."
मेरे पिता का काम अपमान वाला नहीं है
मोहम्मद सिराज ने आगे लिखा, "लेकिन मेरे पिता का काम अपमान वाला नहीं है, ये मेरी ताकत है. उन्होंने मुझे सिखाया है कि कड़ी मेहनत का असली मतलब क्या है. अपना सिर नीचे रखना और आगे बढ़ते रहना, चाहे कोई कुछ भी कहे. लंबे अभ्यास के बाद जब मैं उन दिनों घर लौटता था तो इसने मेरी खेल के प्रति भूख को बढ़ाया. हर बार जब लोगों ने मुझे अनदेखा किया, तो मैंने और कड़ी मेहनत की. अब मैं वर्षों के अभ्यास के कारण टीम इंडिया में खेल रहा हूं. मेरे सफर को स्टीरियोटाइप में बदलने के लिए ऑनलाइन कुछ शब्द ही काफी हैं."
View this post on Instagram
उन्होंने इस पोस्ट के अंत में लिखा, "मेरी कैप और जर्सी इस बात का सबूत है कि कोई फर्क नहीं पड़ता, चाहे आप ऑटो ड्राइवर के बेटे हों या सॉफ्टवेयर इंजीनियर के बेटे, कामयाब नाम पता नहीं पूछती, सिर्फ मेहनत देखती है.
सिराज के पिता की मौत उनके टेस्ट डेब्यू से पहले हुई थी. सिराज ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता की इच्छा थी कि उनका बेटा टेस्ट क्रिकेट खेले. सिराज के पिता की जब मौत हुई थी तब वो ऑस्ट्रेलिया में थे, कोरोना के संख्त प्रोटोकॉल की वजह से उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में ही रुकने का फैसला लिया.
Source: IOCL

















