एशियन गेम्स में अलग जर्सी पहनकर क्यों खेल रही है भारतीय क्रिकेट टीम? जानें नियम
भारतीय क्रिकेट टीम का आधिकारिक किट स्पॉन्सर एडिडास है, जिनके साथ BCCI का मार्च 2028 तक कॉन्ट्रैक्ट है. टाइटल स्पांसर अपोलो टायर्स है. हालांकि एशियन गेम्स में जर्सी अलग है, लेकिन क्यों? जानिए.

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में अपने अभियन की शुरुआत कर दी है. जापान के खिलाफ क्वार्टर-फाइनल में उतरी टीम इंडिया की जर्सी पर सभी की नजरें गई, ये अलग थी. बीते रविवार भारत ने महिला एशिया कप का खिताब जीता, जिसमें पहनी जर्सी पर अपोलो टायर्स की ब्रांडिंग थी. बता दें कि एडिडास क्रिकेट टीम का आधिकारिक किट स्पॉन्सर है, जिसके साथ मार्च 2028 तक कॉन्ट्रैक्ट है.
भारतीय महिला क्रिकेट टीम एशियन गेम्स 2026 में डिफेंडिंग चैंपियन है. जापान के खिलाफ क्वार्टर-फाइनल में भारत ने पहले गेंदबाजी चुनी और जापान को 57 रनों पर ऑल आउट कर दिया. श्री चरणी ने 4 और शेफाली वर्मा ने 2 विकेट लिए. श्रेयांका पाटिल और दीप्ति शर्मा को 1-1 विकेट मिला. जापान के दोनों ओपनर्स हारुना इवास्की (10) और काटो स्टेफोर्ड (25) को छोड़कर कोई बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाया. जापान के 4 बल्लेबाज शून्य पर आउट हुए.
भारतीय टीम की जर्सी गहरे नीले रंग की है, जिसकी कॉलर पर तिरंगे की पट्टी है. सामने बीसीसीआई का लोगो और अपोलो टायर्स की ब्रांडिंग होती है, जो टाइटल स्पांसर है. लेकिन एशियन गेम्स में जर्सी अलग है.
कितनी अलग है नई जर्सी?
सबसे बड़ा फर्क रंग का भी है. एशियन गेम्स की जर्सी आसमानी रंग की है, जिसमें सफ़ेद पट्टी है. बाजू पर तिरंगे की पट्टी नहीं है. सामने बीसीसीआई का लोगो नहीं है, JSW की ब्रांडिंग है और 'इंडिया' लिखा हुआ है.
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अलग जर्सी में क्यों खेल रही है टीम इंडिया?
एशियन गेम्स एक मल्टी-स्पोर्ट इवेंट है, जहां अक्सर नेशनल ओलंपिक कमेटी की ब्रांडिंग गाइडलाइंस का पालन किया जाता है. या फिर सिर्फ अपने खेल की खास पहचान वाली किट की बजाय पूरे राष्ट्रीय दल का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक अलग किट चुनते हैं.
एशियन गेम्स में क्रिकेट टीम उस जर्सी से अलग जर्सी पहन सकती है, जिसे आईसीसी ने मंजूरी दी है. इसके आलावा आईसीसी एक वैकल्पिक जर्सी चुनने का अधिकारी भी देता है, ताकि दो टीमों की जर्सी एक रंग की हो तो दूसरी टीम अपनी वैकल्पिक जर्सी पहन सके.
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